
रायपुर। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर लोक निर्माण विभाग ने 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें 3 अधीक्षण अभियंता, 5 कार्यपालन अभियंता और 5 अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं।
समीक्षा में सामने आया कि अधिकारियों ने शिकायतों को बिना ठोस कार्रवाई और सारगर्भित टिप्पणी के बंद कर दिया, जिससे शिकायतों के वास्तविक निराकरण के बजाय पोर्टल पर आंकड़ेबाजी होती रही। विभाग ने अगस्त और सितंबर में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर पर गंभीर खामियां पाईं। अधिकारियों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर लोक निर्माण विभाग के सचिव के समक्ष लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
तीन स्तरों पर मिली लापरवाही
एल-1 स्तर पर पांच अनुविभागीय अधिकारियों, एल-2 स्तर पर पांच कार्यपालन अभियंताओं और एल-3 स्तर पर तीन अधीक्षण अभियंताओं को नोटिस दिया गया है। विभाग के अनुसार, शिकायतें बंद करते समय स्थल निरीक्षण, की गई या प्रस्तावित कार्रवाई, उसकी समय-सीमा और शिकायतकर्ता को दी गई सूचना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था।
भ्रामक निराकरण पर विभाग सख्त
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि शिकायत किसी दूसरे विभाग से संबंधित है, तो उसे बंद करने का कारण भी दर्ज करना जरूरी है। इन जानकारियों के अभाव में नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और पोर्टल पर शिकायतों के निराकरण के आंकड़े भ्रामक बने। विभाग ने इसे कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
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