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छत्तीसगढ़ के 10,463 स्कूलों में से महज 166 स्कूलों का ही समायोजन होगा, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट की स्थिति

31 मई, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
छत्तीसगढ़ के 10,463 स्कूलों में से महज 166 स्कूलों का ही समायोजन होगा, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट की स्थिति

छत्तीसगढ़ के 10,463 स्कूलों में से महज 166 स्कूलों का ही समायोजन होगा, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट की स्थिति

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समायोजन (युक्तियुक्तकरण) को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। कुछ संगठनों और व्यक्तियों की ओर से युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुल 10,463 स्कूलों में से महज 166 स्कूलों का समायोजन होगा। 

   

शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। जिन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम है। साथ ही 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। 

      

चयनित 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहां आवश्यकता होगी, वहां शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।


 “स्कूलों का समायोजन” और “बंद” होना अलग

 विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।


तर्कसंगत समायोजन कर रही है सरकार

शिक्षा विभाग के मुताबिक प्रदेश सरकार शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाएगा। उद्देष्य बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध कराना। 


ये सुविधाएं मिलेंगी

- विभाग के मुताबिक समायोजन के बाद बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। 

- स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  

- शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। 

- जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 

- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

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