
रायपुर। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए प्रदेश में अब तक 1.66 लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे संवाद व जनजागरूकता प्रयासों का परिणाम सामने आ रहा है।
कोरिया और बलरामपुर जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। शुरुआती चरण में कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग ने लगातार संवाद कर और जागरूकता के माध्यम से टीकाकरण को गति दी।
एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।
प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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