
रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। इसमें राहवीर योजना की समीक्षा की गई। इसमें कहा गया कि केंद्र सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत प्रदेश में सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को 25 हजार रुपए की नकद राशि दी जाएगी। यह पुरस्कार एक राहवीर को अधिकतम पांच बार मिल सकेगा।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के विशेष मौकों पर सम्मानित किया जाए। उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने अधिकारियों को केंद्र सरकार की राहवीर योजना का क्रियान्वयन गंभीरता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाए और स्कूल, कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को इस संबंध में जागरूक किया जाए।
मालवाहक वाहनों में यात्री ढोने पर की जाए सख्त कार्रवाई
दोनों उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मालवाहक वाहनों में यात्री ढोने पर सख्त कार्रवाई की जाए। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने कड़ाई से अमल किया जाए। चार पहिया वाहन में यात्रा करने वाले लोगों के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से होना चाहिए। बैठक में सड़कों पर आवारा पशुओं को हटाने और राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के प्रमुख सड़कों में होर्डिंग लगाने और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता के लिए कंटेन्ट तैयार कर जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
राहवीरों को पुरस्कृत करने की यह है प्रक्रिया
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र सरकार की राहवीर योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता गठित की गई है। सड़क सुरक्षा समिति में मिलने वाले प्रस्ताव की समीक्षा कर पुरस्कार के लिए राहवीरों का चयन किया जाएगा। यह समिति राज्य के सभी पुलिस थानों और अस्पताल से जानकारी लेकर प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करेगी। मूल्यांकन समिति में जिला कलेक्टर के अलावा पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए संबंधित प्रकरण परिवहन आयुक्त को भेजेंगे, इन प्रकरणों के परीक्षण के बाद संबंधित राहवीरों को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार राशि भेजी जाएगी।
अनियंत्रित गति से चल रहे वाहनों पर कार्रवाई के लिए 22 पेट्रोलिंग टीम गठित
बैठक में एनएचएआई के अधिकरियों ने बताया कि सभी टोल नाकों के आसपास अनियंत्रित गति से चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 22 पेट्रोलिंग टीम गठित की गई है। ये टीमें महत्वपूर्ण सड़कें, जहां भारी वाहनों का अत्याधिक ट्रैफिक दबाव होता है, वहां अगले 50 किलोमीटर तक का रोड क्लिरेंस करती है और आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के लिए उन्हें सड़कों से हटाने का काम करती है और इसके अलावा यह टीम आवारा पशुओं को काउ केचर टीम को सौंप देती है। इसके लिए राज्य में 113 काउ केचर टीम गठित की गई है। इसके साथ ही बैठक में हिट एण्ड रन प्रकरण सहित विभिन्न सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई।
समग्र सुरक्षा परिदृश्य पर दिया प्रस्तुतीकरण
अंतरविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने प्रमुखता से छत्तीसगढ़ के समग्र सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में विधायक अनुज शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक अरूण देव गौतम, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर आदि उपस्थित रहे।
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