
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज करीब दो लाख शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करने और जरूरत के मुताबिक समस्याओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि नागरिकों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग, निराकरण की गुणवत्ता में सुधार और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में आगामी धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को लंबित नीतिगत बिंदुओं को समय पर पूरा करने और आधारभूत परियोजनाओं में अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश दिए। अमृत 2.0, पेंशन, प्रशिक्षण और नियामकीय प्रावधानों की भी समीक्षा की गई।
भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए विभागों को कर्मचारी चयन मंडल के समक्ष अपनी आवश्यकताओं और भर्ती प्रस्तावों को समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई सेवाओं को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
वहीं, नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आधुनिक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। जंगल सफारी के संचालन और प्रबंधन में सुधार के लिए भी आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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