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Chhattisgarh

प्रदेश की लोककलाओं, कलाकारों व सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए किए जाएं योजनाबद्ध प्रयास : राजेश अग्रवाल

09 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
प्रदेश की लोककलाओं, कलाकारों व सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए किए जाएं योजनाबद्ध प्रयास : राजेश अग्रवाल
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। ‘प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।’ ये निर्देश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों को दिए। उनकी अध्यक्षता में मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई।


बैठक में दोनों विभागों की ओर से संचालित योजनाओं, विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, प्रमुख पर्यटन स्थलों व सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाना आवश्यक है। 


पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदास की मौजूदगी में 

प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, विभाग की उपलब्धियों व आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। संस्कृति विभाग के संचालक डॉक्टर संजय कन्नौजे विभागीय कार्यक्रमों की जानकारी दी।  


योजनाओं व विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए पूरा 

मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं व विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।


पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर 

मंत्री ने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने व नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों व सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी व जनभागीदारी आधारित बनाया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।



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