
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार को छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं। साथ ही कहा कि रूपनारायण सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा।
योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है
मुख्यमंत्री विष्णु साय ने कहा कि देश में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है। इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी से यह अपील की, कि स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।
योग सभी के लिए है, सभी को जोड़ने का काम करता है
योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव उन्होंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।
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