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Chhattisgarh

पोरा तिहार हमारी कृषि संस्कृति और लोकपरंपरा की पहचान: मुख्यमंत्री साय

10 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
पोरा तिहार हमारी कृषि संस्कृति और लोकपरंपरा की पहचान: मुख्यमंत्री साय
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को पोरा तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। ‘X’ पर जारी संदेश में उन्होंने कहा है कि माटी की खुशबू, किसान का परिश्रम और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का भाव ही पोरा तिहार की पहचान है। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, ग्रामीण जीवन और पुरखों से मिली समृद्ध लोकपरंपराओं का जीवंत प्रतीक है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पोरा तिहार हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर है। अन्नदाताओं की मेहनत, पशुधन के प्रति स्नेह और छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े संस्कार इस पर्व को विशेष बनाते हैं। उन्होंने कामना की कि हर किसान परिवार का घर सुख, समृद्धि और खुशहाली से भरा रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई-बहनों की खुशियों में ही छत्तीसगढ़ की खुशियां बसती हैं। किसान परिवारों की खुशहाली और खेती-किसानी की समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आयोजित ‘पोरा महोत्सव’ एवं ‘पोरा उत्सव’ कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोरा तिहार कृषि संस्कृति, लोकआस्था और ग्रामीण जीवन की जीवंत पहचान है। यह पर्व अन्नदाताओं के परिश्रम, पशुधन के सम्मान और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को सहेजने का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी समृद्ध लोकविरासत और परंपराओं का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाने का आह्वान किया।

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