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रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं: विष्णु देव साय

19 मार्च, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं: विष्णु देव साय

रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं: विष्णु देव साय

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि 20 मार्च को है। इस उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें  नमन किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं। उनका नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर वीरांगनाओं में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

    

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध किया। अपने राज्य और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और स्वाधीनता के लिए बलिदान दिया। रानी अवंती बाई नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक थीं। उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य किया और न केवल महिलाओं बल्कि पूरे राष्ट्र को संघर्ष की राह दिखाई। उनकी वीरता, बलिदान और नेतृत्व क्षमता भारत के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का अमिट उदाहरण हैं।

 

देश का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ

मुख्यमंत्री का कहना है कहा कि देश का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी महान नारियों की कहानियां हमें आज भी राष्ट्रभक्ति, त्याग और साहस की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वह रानी अवंती बाई को लोधी के आदर्शों से प्रेरणा लें और उनके बलिदान को स्मरण कर देश और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।

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