
रायपुर। दीपावली से पहले बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों को सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। संभाग की 485 बसाहटों में सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं। इन पर 804.06 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी प्रगति की जानकारी दी है। पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे बैच के तहत प्रस्तावित इन सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर है। वहीं, करीब 474 अन्य चिन्हांकित बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे बैच में बस्तर की 114, बीजापुर की 125, दंतेवाड़ा की 63, कांकेर की 140, कोंडागांव की 31, नारायणपुर की 136 और सुकमा की 146 बसाहटों को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव शामिल हैं। पहले बैच में 234 बसाहटों के सड़क कार्य पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।
373 पुलों के प्रस्तावों पर भी विचार
सड़क संपर्क के साथ पुल निर्माण की दिशा में भी पहल की गई है। पीएमजीएसवाई-4 के पहले बैच के तहत 206 और पीएम-जनमन योजना के तहत 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में चर्चा हो चुकी है। इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दिए जाने की बात केंद्रीय मंत्री ने कही है। इसके अलावा बस्तर संभाग में 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। नारायणपुर जिले में पीएम-जनमन के तहत 22 लंबे पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है, जिनकी अनुमानित लागत 87.45 करोड़ रुपये है।
नक्सलमुक्त गांवों के लिए विशेष छूट की मांग
विजय शर्मा ने बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से सड़क निर्माण के नियमों में विशेष छूट देने का आग्रह किया था। उनका कहना है कि घने जंगलों और बिखरी बसाहटों के कारण 100 से कम आबादी वाले कई गांव सड़क योजना के निर्धारित मापदंडों में पात्र नहीं हो पाते। इसके लिए 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृति देने और जनसंख्या संबंधी शर्तों में छूट का प्रस्ताव रखा गया है। केंद्र सरकार ने इन बसाहटों की पहचान और जरूरतों के आकलन के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से चार महीने का सर्वे शुरू कराया है। सर्वे के तथ्यों और दिशा-निर्देशों के आधार पर विशेष छूट के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है। राज्य सरकार का कहना है कि सड़क और पुल निर्माण से नक्सल प्रभावित रहे गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार की सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
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