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‘सुरक्षित बचपन अभियान’: 42 न्यायाधीशों ने बच्चों को बताए अधिकार और सुरक्षा के उपाय

28 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
‘सुरक्षित बचपन अभियान’: 42 न्यायाधीशों ने बच्चों को बताए अधिकार और सुरक्षा के उपाय
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर।  ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए रायपुर के 21 विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। 42 न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें बाल संरक्षण कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, ऑनलाइन सतर्कता और निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी।


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में 10 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सहायता के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराना है। अभियान के तहत बच्चों को बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की असुरक्षा या शोषण की स्थिति में वे किससे संपर्क करें, शिकायत कैसे दर्ज कराएं और निशुल्क कानूनी सहायता कैसे प्राप्त करें।


रायपुर और गरियाबंद जिले में अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत 26 से 31 अक्टूबर तक विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा साइबर क्राइम विभाग को शामिल करते हुए जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की गई है। 


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व प्रधान जिला न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देश पर चयनित विद्यालयों में कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ तथा ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।


 महिला एवं बाल विकास विभाग के पॉक्सो सपोर्ट पर्सन, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञ बच्चों के साथ संवाद कर रहे हैं। विद्यालयों के निकट स्थित विधि महाविद्यालयों के शिक्षक और विधि विद्यार्थी भी नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और पेंटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से अभियान में सहभागिता कर रहे हैं।

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