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साय कैबिनेट ने ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ को दी मंजूरी, पांच वर्ष में 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे, बनाई जाएंगी 100 लैब

05 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
साय कैबिनेट ने ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ को दी मंजूरी, पांच वर्ष में 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे, बनाई जाएंगी 100 लैब
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन का उद्देश्य राज्य में सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह 5 वर्षों के लिए होगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


इस मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब बनाई जाएंगी। 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को आसान और तेज़ बनाने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।


कैबिनेट में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय 


. छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट  मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राज्य में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।


. लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (लागू करने के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। 


. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत बारहमासी सड़कों के निर्माण के लिए जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधनों के तहत ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण व सड़क निर्माण से पूर्व मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त की गई है। योजना की पात्रता का दायरा बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में सम्मिलित नहीं हैं। 


. वित्त विभाग के उस प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, जिसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक से छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के क्रियान्वयन के लिए "Anjor LIGHT’’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपए का पूर्णतः अनुदान प्राप्त किया जाएगा। यह तीन वर्ष (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) की बहु-क्षेत्रीय परियोजना है, जिसमें राज्य शासन अथवा भारत सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा।


. राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी  मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की राशि का अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। अब योजनाओं की राशि विभिन्न बैंक खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता होने पर ही सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। 


. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को आमजन व संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रूपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर /बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के विद्युत अवसंरचना विकास को और गति मिलेगी।


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