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छत्तीसगढ़ के सक्ती में बड़ा हादसा: पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 20 मजदूरों की मौत, 35 लाख मुआवजा और जांच का ऐलान

15 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
छत्तीसगढ़ के सक्ती में बड़ा हादसा: पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 20 मजदूरों की मौत, 35 लाख मुआवजा और जांच का ऐलान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार दोपहर हुए भीषण ब्लास्ट ने सबको झकझोर दिया। पावर प्लांट में हुए विस्फोट में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?

यह दुर्घटना सक्ति जिले के डभरा क्षेत्र स्थित एक पावर प्लांट में हुई। दोपहर करीब 3 बजे अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए—और देखते ही देखते हालात भयावह हो गए।


20 मजदूरों की मौत, कई घायल

हादसे में अब तक 20 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं कई घायल मजदूरों का इलाज अस्पताल में जारी है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।


कंपनी का बड़ा ऐलान: 35 लाख मुआवजा

हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने मुआवजे की घोषणा की है। मृतक मजदूरों के परिजनों को ₹35-35 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी वादा किया गया है। वहीं घायलों को ₹15 लाख तक की सहायता राशि दी जाएगी।


राज्य सरकार भी आगे आई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख जताया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50 हजार की तत्काल सहायता देने की घोषणा की है—ताकि संकट की घड़ी में राहत मिल सके।


जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई

सीएम ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बिलासपुर कमिश्नर की टीम पूरे मामले की जांच करेगी। सरकार ने साफ कहा है कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


केंद्र सरकार ने भी जताया दुख

केंद्र सरकार की ओर से भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया गया है। प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार देने की घोषणा की गई है—जो राहत का एक और सहारा बनेगा।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था? क्या लापरवाही ने इतनी बड़ी कीमत वसूल ली? जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे—लेकिन फिलहाल कई परिवारों के घरों में मातम पसरा है।

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