
रायपुर। जिले के चंपारण्य में लगभग 73.42 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ‘श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स’ परियोजना को केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ने मंजूरी दे दी है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की ओर से किया जाएगा और इसे पूरा करने के लिए 18 माह की प्रस्तावित अवधि निर्धारित की गई है।
परियोजना की स्वीकृति पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि चंपारण्य श्री वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली होने के कारण छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। परियोजना के माध्यम से इसे राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
15 एकड़ में विकसित होगा कॉम्प्लेक्स
लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में श्री वल्लभाचार्य जी से संबंधित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, कथा ग्राउंड, ओपन एयर थिएटर, वेलनेस एवं मेडिटेशन सुविधाएं, श्रद्धालुओं के लिए आवास व डॉरमेटरी, मल्टीपर्पज हॉल, रेस्टोरेंट और वेंडर शॉप्स विकसित की जाएंगी। इसके अलावा यज्ञ कुंड एवं जल कुंड का उन्नयन, तालाब विकास, दिव्य पाथवे, कवर्ड पाथवे, पार्किंग, साइनेज और लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
सांस्कृतिक व वेलनेस पर्यटन को भी बढ़ावा
परियोजना का उद्देश्य चंपारण्य को केवल तीर्थ यात्रा के एक पड़ाव तक सीमित रखने के बजाय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विरासत और अनुभव-आधारित पर्यटन के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है। इससे श्रद्धालुओं के साथ परिवारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वेलनेस पर्यटन से जुड़े पर्यटकों को भी आकर्षित करने की योजना है। परियोजना के जरिए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और उनके ठहराव की अवधि बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
डीपीआर तैयार, निविदा प्रक्रिया की तैयारी
परियोजना की डीपीआर और कार्य-सीमा तैयार है। स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। परियोजना पूरी होने के बाद चंपारण्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की संभावना है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने परियोजना की स्वीकृति को प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। परियोजना की स्वीकृति के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और नीलू शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।
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