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अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान, सीएम विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

10 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान, सीएम विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर में अवैध और मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने को कहा गया है।


जिन क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका है, वहां संयुक्त टीमों के जरिए छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। 


मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने और दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। अवैध शराब के निर्माण या मिलावट में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



हॉस्टल, पीजी, कोचिंग संस्थानों का होगा सेफ्टी ऑडिट

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर उन्हें दूर करने के लिए समय-सीमा तय करने और उसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया।


जर्जर भवनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश 

मुख्यमंत्री ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद पुराने एवं जर्जर भवनों की स्थिति का वास्तविक आकलन करने को कहा। जोखिमपूर्ण भवनों की पहचान कर जनहानि की आशंका को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें संभावित जोखिमों का समय रहते पता चल सके और दुर्घटना होने से पहले ही उसका समाधान कर लिया जाए। बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन विशेष प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया।


लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू करने व जिलों में हुई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा।



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