
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिस पर यकीन करना मुश्किल है। जिस बेटे को परिवार ने मरा हुआ मान लिया, उसका अंतिम संस्कार तक करने की तैयारी हो चुकी थी। घर मातम में डूबा था, रिश्तेदार इकट्ठा हो चुके थे, तभी अचानक ‘मृत बेटा’ जिंदा लौट आया। उसे देखकर लोग भूत-भूत चिल्लाकर भाग खड़े हुए। बाद में सच सामने आया तो हर कोई दंग रह गया।
क्या है पूरा मामला?
कोरबा के गेवरा बस्ती निवासी हरिओम वैष्णव 5 सितंबर को अपने ससुराल दर्री गए थे। वह पत्नी को मायके छोड़कर लौटे तो घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने तलाश शुरू की और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बीच, डंगनिया नदी में एक युवक का शव मिला। पुलिस को शव की पहचान कराने में दिक्कत हो रही थी। परिजनों ने कद-कांठी, जींस और हाथ पर बने टैटू देखकर शव को हरिओम का मान लिया। पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया। शव घर आते ही मातम पसर गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
भूत-भूत चिल्लाकर भागे लोग
मंगलवार सुबह जब हरिओम अचानक घर आ गया, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। जिसे परिजन मृत मानकर रो रहे थे, जब वह सामने आया तो कई लोग डरकर ‘भूत-भूत’ चिल्लाते हुए भाग निकले। कुछ देर बाद जब सबको यकीन हुआ कि हरिओम जिंदा है, तब माहौल शांत हुआ।
क्यों गायब हुआ था हरिओम?
हरिओम ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह बिना बताए दूसरे शहर चला गया था। उसकी अचानक वापसी ने परिजनों को जहां राहत दी, वहीं हैरानी भी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नदी से मिला शव किसका है।
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