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एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरत: ओपी चौधरी

26 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरत: ओपी चौधरी
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। ‘जो ‘आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) को अपनाएगा, वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा। एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की जरूरत है।’ ये बातें वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को ‘आर्टिफिशल इंटेलीजेंस एंड डिजिटल ट्रांसफार्मेशन: अपॉर्चुनिटी, चैलेंजेस एंड फ्यूचर इम्पैक्ट’ विषय पर महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कही। 


सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे एआई और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें। वित्तमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।


युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर खुद को उसके अनुरूप करना होगा तैयार

मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं, जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर खुद को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।


विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें

मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें। विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है। उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।


नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में किया जा रहा विकसित

वित्तमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047" पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।


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