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छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं, आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की: विष्णु देव साय

01 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे।

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं, आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल व सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर और सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। 


इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव व खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने रक्षा निखिल खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति और बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर स्वागत किया। केंद्रीय राज्य मंत्री खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं।


आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी। ‘बस्तर पंडुम’ में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।




        


                

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