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युक्तियुक्तकरण में लापरवाही, गलत जानकारी देने और अनियमितता के आरोप में दो बीईओ निलंबित

10 जून, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
युक्तियुक्तकरण में लापरवाही, गलत जानकारी देने और अनियमितता के आरोप में दो बीईओ निलंबित

युक्तियुक्तकरण में लापरवाही, गलत जानकारी देने और अनियमितता के आरोप में दो बीईओ निलंबित

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (समायोजन) के दौरान गंभीर अनियमितताओं और गलत जानकारी देने के आरोप में दो विकास खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ)को निलंबित किया गया है। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के विकास खंड शिक्षाधिकारी पंडित भारद्वाज को लापरवाही और गलत जानकारी देने व मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के मनेन्द्रगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल को अनियमितता के आरोप में निलंबित किया गया है। 

       

प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस समय शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया चल रही है। यह सरकार की प्राथमिकता का विषय है। सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा की ओर से जारी आदेश के अनुसार पंडित भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की। जिसकी वजह से कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां सामने आईं। इसकी वजह से खंड शिक्षाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में पंडित भारद्वाज को मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर-रामानुजगंज से संबद्ध किया गया है।


गलत तरीके से रिक्त दिखाए गए अंग्रेजी विषय के दो पद

रामानुजनगर की जांच में पाया गया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत तरीके से दिखाए गए।  जबकि विद्यालय में पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे। इसके चलते दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना की गई। प्राथमिक शाला सरईपारा (जगतपुर) और देवनगर में छात्र संख्या के अनुपात से अधिक शिक्षक पद दर्शाए गए, जिससे वहां भी अनावश्यक रूप से शिक्षकों की नियुक्ति हुई। हाईस्कूल, सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर एक अतिरिक्त विज्ञान शिक्षक की पदस्थापना कराई गई।


वरिष्ठता सूची से छेड़छाड़ और नियमों की गई अनदेखी

मनेन्द्रगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, मनेन्द्रगढ़ की रिपोर्ट के आधार पर संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा की ओर से की गई है। सुरेंद्र जायसवाल ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में वरिष्ठता सूची से छेड़छाड़ और नियमों की अनदेखी की। माध्यमिक शाला लेदरी में वरिष्ठता क्रमांक 4393 की शिक्षिका गुंजन शर्मा को अनुचित रूप से अतिशेष घोषित किया गया, जबकि उनसे कनिष्ठ क्रमांक 4394 की बेबी धृतलहरे को सुरक्षित रखा गया। इसी तरह प्राथमिक शाला चिमटीमार में कार्यभार ग्रहण तिथि के आधार पर श्रीमती अर्णिमा जायसवाल को अतिशेष माना जाना था, परन्तु सूची में संध्या सिंह का नाम जोड़ा गया। माध्यमिक शाला साल्ही में शिक्षक सूर्यकान्त जोशी के विषय की जानकारी गलत दर्शाई गई और विषय चक्रानुसार उनकी पदस्थापना नहीं की गई। इन सभी मामलों में वरिष्ठ शिक्षकों को जानबूझकर कनिष्ठ दिखाया गया, जो कुटरचना, पद के प्रति लापरवाही और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है।

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