
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लंबे समय से चल रही बयानबाजी मंगलवार को आमने-सामने की बहस में बदल गई। रायपुर प्रेस क्लब में दोनों ने आंकड़ों के आधार पर अपने तर्क रखे और एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा किया। छत्तीसगढ़ में लोगों को अनूठी सियासत देखने को मिली।
पीएम आवास योजना के आंकड़ों को लेकर विवाद उस समय तेज हुआ, जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था। उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 11 लाख से अधिक पीएम आवास पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को किसी भी मंच पर इस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी थी।
भूपेश बघेल ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा था कि समय और स्थान तय किया जाए, वे बहस के लिए तैयार हैं। इसके बाद 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में बहस का कार्यक्रम तय हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तर्क
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अलग-अलग मंचों पर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। उनके कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मौजूदा सरकार ने कितने आवास स्वीकृत किए और उनमें से कितने पूरे हुए। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में पोर्टल बंद होने और केंद्र से राशि नहीं मिलने की वजह से निर्माण प्रभावित हुआ।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का तर्क
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में आवास पूरे किए गए हैं। उन्होंने 11 लाख 75 हजार आवास पूरे होने का आंकड़ा रखा। उन्होंने पिछली सरकार के पांच वर्षों में लगभग 3 लाख आवास पूर्ण होने और वर्तमान सरकार के तीन वर्षों में करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का दावा भी किया। उपमुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय केंद्र से स्वीकृत कुछ आवासों को स्वीकार नहीं किया गया था। वहीं बघेल ने इस दावे के जवाब में केंद्र से राशि और पोर्टल से जुड़े मुद्दे उठाए।
आवासों के आंकड़ों पर भी विवाद
प्रधानमंत्री आवास के आंकड़ों पर भी विवाद हुआ। भूपेश बघेल ने अलग-अलग वर्षों में मिली स्वीकृतियों का हवाला देते हुए कहा कि नई स्वीकृतियों को जोड़ने पर आंकड़ा 46 लाख तक पहुंचता है। वहीं, विजय शर्मा ने पूरे हुए आवासों और वर्तमान सरकार की ओर से कराए गए निर्माण पर जोर दिया।
बहस से पहले भी गरमाया माहौल
दोनों नेताओं की बहस से पहले ही रायपुर प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रेस क्लब परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था।
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