
रायपुर। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग कार्यालय, दुर्ग में समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगरीय निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। निर्माण कार्यों की टेंडर स्वीकृति के बाद विभागीय समन्वय स्थापित कर तेजी से कार्य पूरे किए जाएं।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि रीपा केन्द्रों के माध्यम से ग्रामोद्योग विभाग द्वारा लघु उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसी प्रकार गौठानों को गौधाम का स्वरूप देकर पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ वितरण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से मिल सके।
प्रत्येक नगर निगम में एक मॉडल स्कूल की स्थापना पर दिया जोर
मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रत्येक नगर निगम में एक मॉडल स्कूल की स्थापना और ग्रंथालयों के उन्नयन की बात कही। नालंदा परिसर को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर रूप से विकसित किया जाएगा। वहीं, जिला अस्पताल और अन्य शासकीय चिकित्सालयों में जन औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, साथ ही जिला अस्पताल में विभिन्न पदों भर्ती प्रक्रिया कलेक्टर के अनुमोदन से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ऐसे सभी कार्य चिन्हित कराए जाएं जिनका सीधा लाभ जनता को मिले
मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों से लेकर गांवों तक ऐसे सभी कार्य चिन्हित कराए जाएं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचा विकास है और इन सभी क्षेत्रों में योजनाओं की रफ्तार तेज की जाएगी। उन्होंने रूआबांधा और देवधर मानव निर्मित वन के संबंध में बीएसपी की ओर से एनओसी न देने पर नाराजगी व्यक्त की। बीएसपी से सीएसआर मद में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास के लिए किए गए कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा।
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