
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में सोमवार को 'कारगिल विजय दिवस' पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था। कारगिल की जीत महज सैन्य अभियान की सफलता नहीं बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति महज विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।
फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को पहुंचाता है नुकसान
मंत्री टंकराम वर्मा ने डिजिटल दौर की चुनौतियों पर कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारु अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।
'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को महज पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव, दुर्ग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एनपी दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टीएल वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

