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शुक्रवार के दिन इन कार्यों को करने से घर में आ सकती है कंगाली, हो जाएं सावधान!
02 अग, 2024 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
शुक्रवार के दिन इन कार्यों को करने से घर में आ सकती है कंगाली, हो जाएं सावधान!

शुक्रवार के दिन इन कार्यों को करने से घर में आ सकती है कंगाली, हो जाएं सावधान!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें इस दिन को लेकर काफी मान्यताएं बताई गई हैं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही धन से जुड़ी सभी समस्याओं का अंत होता है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को लेकर कई सारे नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से व्यक्ति का जीवन सुखमय हो सकता है, तो आइए जानते हैं -


शुक्रवार के दिन इन बातों को न करें अनदेखा

शुक्रवार के दिन ईशान कोण या उत्तर दिशा में कूड़ा आदि नहीं फेंकना चाहिए। शुक्रवार को गीले कपड़े पहननें और गीले बाल में पूजा नहीं करनी चाहिए। रात के समय कूड़ा-कचरा बाहर न फेंकें, इससे घर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शाम के समय दीपक जलाने के बाद कुछ चीजें जैसे- नमक, अनाज आदि दूसरों को नहीं देना चाहिए, इससे घर में दरिद्रता आती है। शुक्रवार के दिन तामसिक भोजन जैसे- मांस, शराब आदि चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। शुक्रवार के दिन किसी को धन नहीं देना चाहिए, ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है। शुक्रवार के दिन महिलाओं का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस दिन पवित्रता और घर में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। शुक्रवार के दिन लड़ाई-झगड़ा करने से बचना चाहिए। शुक्रवार के दिन चीनी और चांदी का दान करने से बचना चाहिए।


शुक्रवार उपाय

अगर आप सौभाग्य में वृद्धि की कामना रखते हैं, तो शुक्रवार के दिन एक रुपये का सिक्का लें और उसे अपने मन्दिर में धन की देवी माता लक्ष्मी के समक्ष रख दें। फिर उसकी और माता लक्ष्मी की पूजा विधि अनुसार करें। इसके पश्चात शुक्रवार को पूरे दिन उस सिक्के को मन्दिर में ही रखा रहने दें। फिर शाम के समय उसे एक लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें। इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी और सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी।


माता लक्ष्मी मंत्र

ऊँ महालक्ष्म्यै नमो नमः । ऊँ विष्णुप्रियायै नमो नमः ।।

ऊँ धनप्रदायै नमो नमः । ऊँ विश्वजन्नयै नमो नमः ।।

ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।। ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।।

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