
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता शुरू होने से ठीक पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की स्विट्जरलैंड यात्रा अंतिम समय में रद्द कर दी गई। इससे दोनों देशों के बीच होने वाली आगे की बातचीत को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ?
फ्रांस में दोनों देशों के बीच हाल ही में एक शांति समझौते पर सहमति बनी थी। इसके तहत 19 जून से समझौते की शर्तों पर विस्तृत बातचीत शुरू होनी थी। इसी सिलसिले में जेडी वेंस को स्विट्जरलैंड जाना था, लेकिन अंतिम समय में उनका दौरा रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यात्रा रद्द होने का फैसला इतना देर से लिया गया कि वेंस का स्टाफ और उनके साथ जाने वाले पत्रकार एयरपोर्ट तक पहुंच चुके थे। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस के कई अधिकारी और विदेशी मीडिया प्रतिनिधि पहले से स्विट्जरलैंड में मौजूद थे। इससे आगे की वार्ता को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
लेबनान बना नई अड़चन
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा टलने के पीछे लेबनान को लेकर ईरान की आपत्तियां अहम वजह हो सकती हैं। शांति समझौते में सभी मोर्चों पर संघर्ष रोकने की बात शामिल थी, जिसमें लेबनान भी शामिल है। हालांकि, इजराइल की ओर से लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई ने आगे की बातचीत में मतभेद पैदा कर दिए हैं।
फ्रांस ने इजराइल से हमले रोकने की अपील की
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि इजराइल को लेबनान में सैन्य अभियान रोकना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से भी इस मुद्दे पर इजराइल पर दबाव बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लेबनान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना जरूरी है। साथ ही फ्रांस, लेबनानी सेना के समर्थन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कराने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।
हिजबुल्लाह का ड्रोन हमला, 5 इजराइली सैनिक घायल
इजराइली सेना (IDF) के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के कफर तेबनित गांव में हिजबुल्लाह के विस्फोटक ड्रोन हमले में 5 इजराइली सैनिक घायल हुए हैं। इनमें एक सैनिक की हालत गंभीर बताई गई है। IDF के मुताबिक, ड्रोन हमला कमांडो ब्रिगेड के जवानों को निशाना बनाकर किया गया। यह हमला उसी इलाके में टैंक पर हुए एक अन्य हमले के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें एक टैंक बटालियन कमांडर सहित 4 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी।
आगे क्या?
अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया ऐसे समय पर नए मोड़ पर पहुंच गई है, जब लेबनान और इजराइल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित बातचीत कब होगी और दोनों पक्ष आगे कैसे बढ़ेंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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