
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर रहे हैं, जबकि वॉशिंगटन के भीतर भी इस रणनीति पर उच्च स्तर पर चर्चा हुई है।
दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि उस पर हमला किया गया तो जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजराइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों तथा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। इसी बीच साइबर हमलों, मिसाइल रक्षा प्रणाली के घटते स्टॉक और रूस से कथित खुफिया सहयोग के दावों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
ऊर्जा संयंत्र और रिफाइनरियां बन सकती हैं निशाना
CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह ईरान के बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों पर हमले की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सैन्य योजना पर शुक्रवार को कैंप डेविड में हुई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कैबिनेट बैठक में भी चर्चा हुई।
ट्रम्प का बयान, ईरान की चेतावनी
बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर "बहुत जोरदार हमला" करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं है क्योंकि उनके अनुसार ईरान बातचीत की बात करता है, लेकिन अपने वादों का पालन नहीं करता। उधर, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि अमेरिका हमला करता है तो उसका पूरी तैयारी के साथ जवाब दिया जाएगा और अमेरिका व इजराइल के अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकाने निशाने पर होंगे।
अमेरिका के जल संयंत्रों पर साइबर हमला
CBS News के अनुसार, अमेरिका के कम से कम 7 राज्यों के वॉटर और वेस्टवॉटर सिस्टम साइबर हमले की चपेट में आए हैं।
हमले में PLC (Programmable Logic Controller) को निशाना बनाया गया।
कई जल संयंत्रों को ऑटोमैटिक सिस्टम बंद कर मैन्युअल मोड में संचालित करना पड़ा।
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि हमले के पीछे ईरान से जुड़े हैकरों की भूमिका है या नहीं।
मिनेसोटा में 30 से अधिक सामुदायिक जल प्रणालियां प्रभावित हुईं।
अधिकारियों ने कहा कि पीने के पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा।
मिसाइल इंटरसेप्टर का घटता स्टॉक बना चिंता का कारण
Center for Strategic and International Studies (CSIS) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी सैन्य अभियानों के बीच अमेरिका के मिसाइल इंटरसेप्टर तेजी से कम हो रहे हैं। इंटरसेप्टर वे मिसाइलें होती हैं जो दुश्मन की मिसाइलों या ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। अमेरिका इसके लिए मुख्य रूप से Patriot और THAAD रक्षा प्रणाली का उपयोग करता है।
रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
Patriot इंटरसेप्टर: लगभग 2,300 से घटकर 827 से कम।
THAAD इंटरसेप्टर: 452 से घटकर 278 से नीचे।
CSIS का कहना है कि यदि मध्य पूर्व के अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा स्टॉक को फिर से भरने में करीब 3 वर्ष लग सकते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए पेंटागन ने 2026 के आपातकालीन बजट में इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य हथियारों की खरीद के लिए 18.2 अरब डॉलर का प्रस्ताव रखा है।
रूस पर ईरान को खुफिया सहायता देने का दावा
NBC News की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ईरान को सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सहयोग से ईरान को अमेरिकी हवाई अभियानों की निगरानी, अपने महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की सुरक्षा मजबूत करने और मिसाइल व ड्रोन हमलों की सटीकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

