
ब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक बार फिर अपनी पकड़ साबित की है। 25 अक्टूबर 2026 को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में 80 वर्षीय लूला ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। पहले दौर में पिछड़ने के बाद मिली यह जीत उनके राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि है।
लूला को दूसरे चरण में 51.77% वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.23% मत हासिल हुए। ब्राजील के चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि पहले चरण में दूसरे स्थान पर रहने वाला उम्मीदवार अंतिम मुकाबले में जीतकर राष्ट्रपति चुना गया।
पहले दौर में फ्लावियो आगे, दूसरे में लूला ने मारी बाजी
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला से अधिक वोट हासिल किए थे। फ्लावियो को 47.03%, जबकि लूला को 45.16% वैध मत मिले थे।
किसी भी उम्मीदवार को आधे से अधिक वैध वोट नहीं मिलने के कारण मुकाबला दूसरे चरण में पहुंचा। यहां मतदाताओं को दोनों प्रमुख उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनने का अवसर मिला और अंतिम परिणाम लूला के पक्ष में गया।
दूसरे चरण में लूला को करीब 64.26 मिलियन और फ्लावियो को लगभग 59.83 मिलियन वोट मिले। दोनों के बीच अंतर करीब 44 लाख मतों का रहा।
1989 के बाद पहली बार बदला चुनावी इतिहास
ब्राजील में 1989 से सीधे राष्ट्रपति चुनाव कराए जा रहे हैं। इस चुनाव में पहले चरण में दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार ने दूसरे दौर में जीत दर्ज की, जो देश के प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनावों के इतिहास में पहली ऐसी घटना है।
लूला की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे पहले दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, फिर जेल गए, राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना किया और बाद में सत्ता में लौटे। अब 2026 के परिणाम ने उन्हें चौथे राष्ट्रपति कार्यकाल तक पहुंचा दिया है।
जायर बोल्सोनारो को भी चुनाव में हरा चुके हैं लूला
फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। बोल्सोनारो परिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी राजनीतिक परिवारों में गिना जाता है।
लूला ने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में जायर बोल्सोनारो को हराया था। उस चुनाव के दूसरे चरण में लूला को 50.90% और जायर बोल्सोनारो को 49.10% वैध वोट मिले थे।
2026 में जायर के बेटे फ्लावियो के खिलाफ जीत ने लूला और बोल्सोनारो परिवार के बीच राजनीतिक मुकाबले को एक नया मोड़ दिया है।
भ्रष्टाचार के मामले में जेल गए, फिर सत्ता में लौटे
लूला ने 2003 से 2010 तक ब्राजील के राष्ट्रपति के रूप में लगातार दो कार्यकाल पूरे किए थे। इसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा और उनका राजनीतिक सफर कई मुश्किल दौर से गुजरा।
वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा। बाद में उनकी सजा रद्द कर दी गई, जिससे वे फिर से चुनाव लड़ने के पात्र बने। उन्होंने 2022 का राष्ट्रपति चुनाव जीता और 2023 में तीसरी बार राष्ट्रपति बने।
अब 2026 की जीत के बाद वे जनवरी 2027 में चौथा कार्यकाल शुरू करेंगे। उनका यह कार्यकाल लगातार नहीं, बल्कि पहले के कार्यकालों के बाद होगा।
महिला और कैथोलिक मतदाताओं के समर्थन की चर्चा
चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को महिलाओं और कैथोलिक मतदाताओं के बीच फ्लावियो से अधिक समर्थन मिलने का अनुमान सामने आया था।
- महिला मतदाता: सर्वे में 49% महिलाओं ने लूला और 40% ने फ्लावियो का समर्थन किया था।
- कैथोलिक मतदाता: इस वर्ग में लूला को 52% और फ्लावियो को 42% समर्थन मिलने की बात सामने आई थी।
ये आंकड़े चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों से संबंधित हैं। इन्हें अंतिम मतदान के आधिकारिक आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए। दूसरे दौर में मतदाताओं के फैसले पर इन सर्वेक्षणों का कितना असर पड़ा, यह केवल इन प्रतिशतों के आधार पर निश्चित नहीं किया जा सकता।
अमेरिका के दबाव के बीच देश की स्वतंत्रता पर जोर
चुनावी अभियान के दौरान लूला ने ब्राजील की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार को प्रमुख मुद्दा बनाया। उनका संदेश था कि देश को अपने फैसले खुद करने चाहिए और बाहरी दबाव के आगे अपनी स्वतंत्रता से समझौता नहीं करना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी माने जाने वाले बोल्सोनारो परिवार के उम्मीदवार फ्लावियो के साथ मुकाबले में यह मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा। लूला की जीत के बाद ब्राजील की घरेलू राजनीति और अमेरिका के साथ उसके संबंधों पर नजर रहेगी।
दो चरणों में कैसे होता है ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव?
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी हो सकती है।
- पहला चरण: सभी उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं। किसी उम्मीदवार को 50% से अधिक वैध वोट मिल जाएं, तो वह सीधे जीत जाता है।
- दूसरा चरण: यदि कोई उम्मीदवार यह सीमा पार नहीं करता, तो सबसे अधिक वोट पाने वाले दो प्रत्याशियों के बीच दोबारा मतदान होता है।
- अंतिम नतीजा: दूसरे चरण में जिस उम्मीदवार को अधिक वैध वोट मिलते हैं, उसे विजेता घोषित किया जाता है।
पहले दौर में बाहर हुए उम्मीदवारों के वोट अपने आप किसी अन्य प्रत्याशी को हस्तांतरित नहीं होते। उनके समर्थक दूसरे चरण में उपलब्ध दोनों उम्मीदवारों में से किसी एक को वोट देते हैं। 2026 के चुनाव में इसी प्रक्रिया के बाद लूला ने फ्लावियो को पीछे छोड़ दिया।
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