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ट्रम्प बोले- ईरान बातचीत चाहता है, होर्मुज समझौते के संकेत; रक्षा लीक पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

06 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्रम्प बोले- ईरान बातचीत चाहता है, होर्मुज समझौते के संकेत; रक्षा लीक पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है तथा दोनों देशों के बीच समझौता जल्द संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान खुद वार्ता चाहता है और उसके लिए यही सबसे बेहतर विकल्प होगा।


इसी दौरान ट्रम्प ने अमेरिकी रक्षा तैयारियों, हथियार उत्पादन, गोपनीय सैन्य सूचनाओं के लीक और समुद्री व्यापार पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर भी कई अहम बयान दिए हैं।


ट्रम्प बोले- अमेरिका लगातार बढ़ा रहा है रक्षा उत्पादन

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के पास पहले से बड़ी मात्रा में हथियार मौजूद हैं। जरूरत के अनुसार नए हथियार भी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं और उनकी आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी रक्षा कंपनियां देश के इतिहास में सबसे अधिक नए उत्पादन संयंत्र और फैक्ट्रियां स्थापित कर रही हैं, जिससे रक्षा उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी।


गोपनीय जानकारी लीक करने वालों को लेकर सख्त चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रम्प ने रक्षा संबंधी गोपनीय सूचनाएं लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके लिए लंबी जेल की सजा की मांग की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस गोपनीय जानकारी या किस घटना से जुड़े लीक का जिक्र किया जा रहा है।


युद्ध नहीं, समझौते को बताया बेहतर विकल्प

लास वेगास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वह सैन्य कार्रवाई के बजाय समझौते के जरिए विवाद खत्म करना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते। साथ ही दावा किया कि अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले की तैयारी तक पहुंच चुका था, लेकिन उसी दौरान दूसरे पक्ष ने संपर्क कर बातचीत की इच्छा जताई। ट्रम्प के अनुसार बाद में सार्वजनिक रूप से ऐसी बातचीत से इनकार कर दिया गया।


फॉक्स न्यूज में दोहराया बातचीत का दावा

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि ईरान की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है और उन्हें उम्मीद है कि समझौता हो जाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान सार्वजनिक रूप से बातचीत की बात स्वीकार नहीं करता, लेकिन निजी स्तर पर वार्ता चाहता है।


होर्मुज समझौते को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर प्रस्तावित समझौते का मसौदा अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दूसरी ओर ट्रम्प ने भी संकेत दिए कि इस संबंध में एक-दो दिन के भीतर घोषणा हो सकती है।


रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य:

  1. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना।

  2. क्षेत्रीय तनाव कम करना।

  3. आगे चलकर परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर अमेरिका-ईरान वार्ता का रास्ता खोलना।


हालांकि सबसे बड़ा विवाद स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर बना हुआ है। ईरान चाहता है कि जहाज उसकी निगरानी वाले मार्ग से गुजरें, जबकि अमेरिका इस अहम ऊर्जा मार्ग पर ईरान का नियंत्रण स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।


समुद्री व्यापार पर दिखा तनाव का असर

समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केपलर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव का असर प्रमुख समुद्री मार्गों पर साफ दिखाई दे रहा है।


होर्मुज स्ट्रेट

बुधवार: केवल 2 जहाज गुजरे।

एक दिन पहले: 8 जहाज।

तनाव से पहले प्रतिदिन लगभग 130-140 जहाज गुजरते थे।


बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट

बुधवार: केवल 1 कमोडिटी जहाज।

एक दिन पहले: 20 जहाज।

20 जुलाई को हूती विद्रोहियों की नाकाबंदी से पहले यहां प्रतिदिन औसतन 41 जहाजों की आवाजाही होती थी।

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