
दुनिया की तेल सप्लाई का अहम रास्ता होर्मुज अब वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि UAE ने खुद आगे आकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोर्स बनाने की पहल कर दी है—और इसका असर सीधे आपकी जेब तक पहुंच सकता है…
होर्मुज खोलने के लिए UAE की बड़ी पहल
United Arab Emirates ने अमेरिका को संकेत दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए बनने वाली इंटरनेशनल फोर्स में शामिल होने को तैयार है। इसका मकसद साफ है—ईरानी हमलों से जहाजों को बचाना और तेल सप्लाई को फिर से सामान्य करना। UAE अब Saudi Arabia समेत कई देशों को साथ लाने की कोशिश कर रहा है…
ईरानी हमलों से बढ़ा खतरा, खाड़ी में तनाव चरम पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के हमलों का सबसे ज्यादा असर UAE पर पड़ा है। उसके तेल निर्यात से जुड़े पोर्ट तक निशाने पर आ चुके हैं। वहीं Islamic Revolutionary Guard Corps ने इजराइल, UAE, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है…
अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश
UAE और Bahrain अब इस सुरक्षा पहल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। United States भी चाहता है कि होर्मुज जल्द खुले, लेकिन बिना सैन्य सुरक्षा के यह संभव नहीं दिख रहा…
ट्रम्प का दावा—ईरान ने टैंकर ‘गिफ्ट’ किए
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान ने भरोसा दिखाने के लिए 10 तेल टैंकरों को गुजरने दिया। उनके मुताबिक, पहले 8 टैंकर भेजे गए और बाद में 2 और, ताकि बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत दिया जा सके। हालांकि इस दावे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं…
श्रीलंका में ईंधन संकट, राशनिंग लागू
Sri Lanka पर इस संकट का सीधा असर दिखने लगा है। देश की करीब 60% ऊर्जा जरूरतें आयात पर निर्भर हैं, जिनमें बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते आता है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सरकार ने QR कोड आधारित फ्यूल राशनिंग लागू कर दी है…
हर वाहन के लिए तय हुआ कोटा
नई व्यवस्था के तहत अब हर वाहन को सीमित ईंधन मिलेगा:
बाइक: 8 लीटर/हफ्ता
ऑटो: 20 लीटर
कार: 25 लीटर
बस: 100 लीटर डीजल
ट्रक: 200 लीटर डीजल
यह कदम बताता है कि अगर सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं…
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में हर हलचल का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और आम उपभोक्ता तक पहुंचता है…
दुनिया की नजर अगले कदम पर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अंतरराष्ट्रीय फोर्स बन पाती है और होर्मुज दोबारा खुल पाता है या नहीं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उछाल, सप्लाई संकट और कई देशों में राशनिंग जैसे कदम आम हो सकते हैं।
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