
इलामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाने के पीछे अमेरिकी दबाव होने का दावा करने वाला एक कथित गोपनीय राजनयिक दस्तावेज लीक हो गया है। इस दस्तावेज के सामने आने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और इमरान खान की पार्टी PTI सरकार से जवाब मांग रही है।
क्या है लीक हुए दस्तावेज में?
ड्रॉप साइट द्वारा सार्वजनिक किए गए इस कथित दस्तावेज को “केबल आई 0678” बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें वाशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत और अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई बातचीत का जिक्र है। दावा किया गया है कि अगर इमरान खान सत्ता से हटते हैं तो अमेरिका और यूरोप के साथ पाकिस्तान के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।
मार्च 2022 की बातचीत का दावा
दस्तावेज में कथित तौर पर मार्च 2022 की बातचीत दर्ज है, जब इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आगे बढ़ रहा था। लीक रिपोर्ट में यह संकेत भी दिया गया कि अगर इमरान खान सत्ता में बने रहते तो पाकिस्तान को कूटनीतिक अलगाव का सामना करना पड़ सकता था। हालांकि अमेरिकी प्रशासन पहले ही ऐसे आरोपों को खारिज कर चुका है।
इमरान पहले भी लगा चुके हैं आरोप
इमरान खान लंबे समय से कहते रहे हैं कि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति कुछ पश्चिमी देशों को पसंद नहीं थी। उन्होंने कई बार आरोप लगाया कि रूस और चीन के साथ संतुलित संबंध बनाने की वजह से उनकी सरकार को निशाना बनाया गया।
विपक्षी दलों ने दावों को नकारा
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने हमेशा इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दोनों दलों का कहना है कि इमरान खान की सरकार आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता की वजह से गिरी थी, किसी विदेशी साजिश की वजह से नहीं।
PTI ने बताया “विदेशी दबाव का सबूत”
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस लीक को विदेशी दबाव का मजबूत संकेत बताया है। PTI समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और सरकार से पूरे मामले पर जवाब मांग रहे हैं। पाकिस्तान में इस मुद्दे पर फिर से सियासी ध्रुवीकरण बढ़ता दिखाई दे रहा है।
“सब माफ कर दिया जाएगा” बना चर्चा का केंद्र
लीक दस्तावेज में कथित तौर पर इस्तेमाल हुआ वाक्य “सब माफ कर दिया जाएगा” भी विवाद का बड़ा कारण बन गया है। आलोचकों का कहना है कि यह संकेत देता है कि सत्ता परिवर्तन के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में नरमी आने की उम्मीद जताई गई थी।
जेल में हैं इमरान खान
इमरान खान अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव हारने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे। बाद में भ्रष्टाचार मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि उनके समर्थक आज भी इसे राजनीतिक साजिश बताते हैं।
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