
ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने वाले NATO सदस्य देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट में एक व्यावसायिक जहाज पर हमला होने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की तैयारी की भी जानकारी सामने आई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिन देशों ने अमेरिका और इजराइल का साथ दिया, उन्हें अपने नागरिकों और दुनिया के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
NATO सदस्य देशों पर ईरान का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO प्रमुख मार्क रूट ने स्वयं स्वीकार किया है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का समर्थन किया था।
बघई ने कहा कि इन देशों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ हुई इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया।
होर्मुज स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाज पर हमला
ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में एक व्यावसायिक जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।
घटना उस समय हुई जब जहाज ओमान के तट के पास था। प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा। कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
IAEA जल्द करेगा परमाणु ठिकानों का निरीक्षण
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी।
टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी IAEA के पास है। एजेंसी ने तकनीकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और उसकी टीम जल्द से जल्द ईरान पहुंचकर परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने के लिए तैयार है।
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