
ईरान को लेकर अमेरिका का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है। सीजफायर बढ़ाने के बावजूद दबाव कम नहीं किया गया—और अब नाकेबंदी को लेकर बड़ा दावा सामने आया है।
नाकेबंदी पर ट्रम्प का बड़ा बयान
Donald Trump ने सोशल मीडिया पर ईरान की स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि नाकेबंदी के चलते ईरान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है और उस पर भारी दबाव बन चुका है। ट्रम्प के मुताबिक, यही वजह है कि ईरान जल्द से जल्द हालात सामान्य करना चाहता है—और यहीं से वैश्विक चिंता भी बढ़ती है।
रोज 500 मिलियन डॉलर नुकसान का दावा
ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी की वजह से ईरान को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर (करीब ₹4000 करोड़) का नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सेना और पुलिस को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। इससे देश के अंदर आर्थिक और सामाजिक दबाव लगातार बढ़ रहा है—जो स्थिति को और जटिल बना सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने की बढ़ी बेचैनी
ट्रम्प के अनुसार, आर्थिक संकट के चलते ईरान Strait of Hormuz को जल्द खोलना चाहता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है—और यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय नजरें यहां टिकी हैं।
पाकिस्तान की अपील पर बढ़ाया गया सीजफायर
ट्रम्प ने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहा सीजफायर पाकिस्तान के अनुरोध पर आगे बढ़ाया है। Shehbaz Sharif और Asim Munir ने अपील की थी कि ईरान को प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया जाए। इस अपील को मानते हुए अमेरिका ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोक दी है—लेकिन स्थिति पूरी तरह शांत नहीं है।
सीजफायर जारी, लेकिन सेना अलर्ट मोड में
अमेरिका ने साफ किया है कि सीजफायर की कोई तय समय सीमा नहीं है। साथ ही सेना को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यानी युद्धविराम के बावजूद किसी भी वक्त हालात बदल सकते हैं—और यही अनिश्चितता सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।
दबाव बना रहेगा, बातचीत पर टिकी उम्मीद
ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि नाकेबंदी जारी रहेगी और ईरान पर दबाव बनाए रखा जाएगा। सीजफायर तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की ओर से कोई ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं आता। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या बातचीत से हल निकलेगा या तनाव फिर बढ़ेगा।
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