
मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर विस्फोटक हो गए हैं। ईरान ने जहां एक कथित जासूस को फांसी दी, वहीं इसके तुरंत बाद इजराइल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए गए।
मोसाद के लिए जासूसी का आरोप, ईरान में फांसी
ईरान ने एक व्यक्ति को इजराइल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने देश के संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें और अहम जानकारियां इजराइल तक पहुंचाई थीं। बताया जा रहा है कि उसे पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था, जब क्षेत्र में तनाव चरम पर था।
स्वीडन से हुआ था ऑनलाइन नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी को विदेश से ऑनलाइन भर्ती किया गया था। स्वीडन के जरिए संपर्क स्थापित किया गया, ट्रैवल लिंक के माध्यम से कनेक्शन बनाया गया और धीरे-धीरे संवेदनशील सूचनाएं भेजने का काम शुरू हुआ। यह मामला ईरान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
लारिजानी की मौत के बाद भड़का संघर्ष
ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान ने इसे बड़ा हमला मानते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
इजराइल पर 100 से ज्यादा मिसाइल दागी गईं
ईरान की सेना, खासकर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC), ने इजराइल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए।
- 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया
- Tel Aviv समेत कई शहर प्रभावित
- ‘खोर्रमशहर-4’ जैसी भारी मिसाइलों का इस्तेमाल
इजराइल का दावा है कि उसने कई मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ जगहों पर मलबा गिरने से नुकसान हुआ और 2 लोगों की मौत हो गई।
अमेरिका भी मैदान में उतरा
- तनाव के बीच अमेरिका ने भी सैन्य कार्रवाई की है।
- होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया
- करीब 2200 किलोग्राम वजनी बम का इस्तेमाल
- यह बम जमीन के अंदर बने ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम बताया जा रहा है
- यह कदम वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
क्यों खतरनाक है यह स्थिति?
- ईरान-इजराइल के बीच सीधा सैन्य टकराव
- अमेरिका की एंट्री से संघर्ष का दायरा बढ़ा
- मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का खतरा
- वैश्विक तेल सप्लाई और बाजार पर असर
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