
मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं। युद्ध का असर सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका, NATO और चीन जैसे बड़े देशों की भूमिका भी अब चर्चा के केंद्र में आ गई है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सहयोगी देशों को साफ संदेश दिया है कि अगर उन्होंने हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद नहीं की, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
हॉर्मुज स्ट्रेट पर ट्रम्प की NATO को सख्त चेतावनी
रविवार को दिए बयान में डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO सहयोगियों पर दबाव बनाते हुए कहा कि यह समय अमेरिका का साथ देने का है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने सहयोगियों की मदद की है, खासकर यूक्रेन संकट में, जबकि उसे ऐसा करना जरूरी नहीं था। अब सवाल यह है कि क्या NATO देश भी अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं में भागीदारी करेंगे। ट्रम्प का संकेत साफ था कि अगर हॉर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के प्रयासों में सहयोग नहीं मिला, तो NATO गठबंधन के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
चीन को भी दिया संकेत, शिखर सम्मेलन टल सकता है
ट्रम्प ने चीन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर बीजिंग हॉर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने में सहयोग नहीं करता, तो महीने के अंत में होने वाली उनकी चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित बैठक को टाला जा सकता है। गौरतलब है कि ट्रम्प का चीन दौरा 31 मार्च को निर्धारित है, जहां दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है।
क्यों इतना अहम है हॉर्मुज स्ट्रेट?
- वैश्विक तेल आपूर्ति की लाइफलाइन
- हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।
- दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है।
- खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और अमेरिका तक ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह मुख्य मार्ग है।
यही वजह है कि इस समुद्री रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल कीमतों पर तुरंत असर पड़ सकता है।
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हमला
जंग के बीच रविवार सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले भी युद्ध के दौरान दुबई के आसपास सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आ चुकी हैं।
ईरान ने इजराइल पर दागी सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल के सैन्य और रक्षा ठिकानों पर सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।
क्या है सेजिल मिसाइल?
- यह सॉलिड फ्यूल आधारित स्ट्रैटेजिक मिसाइल है
- इसकी रेंज लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर तक बताई जाती है
- तेज लॉन्च क्षमता और लंबी दूरी के कारण इसे ईरान की प्रमुख सामरिक मिसाइलों में गिना जाता है
- विशेषज्ञों के अनुसार इसकी पहुंच मध्य-पूर्व के अलावा यूरोप और एशिया के कई हिस्सों तक हो सकती है।
UAE में 19 भारतीय गिरफ्तार, फेक न्यूज फैलाने का आरोप
युद्ध के माहौल में गलत जानकारी फैलाने को लेकर संयुक्त अरब अमीरात ने कड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE अधिकारियों ने 35 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया, जिनमें 19 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स के अनुसार सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान पाया गया कि कुछ लोग फर्जी वीडियो और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर लोगों में डर और अस्थिरता पैदा कर रहे थे। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मध्य-पूर्व संकट क्यों बन रहा वैश्विक चिंता?
- विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-इजराइल टकराव अब सिर्फ दो देशों का संघर्ष नहीं रहा।
- इसमें अमेरिका, NATO और चीन की रणनीतिक भूमिका बढ़ रही है
- वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है
- खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा भी बड़ा सवाल बन चुकी है
- ऐसे में आने वाले दिनों में यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर गहरा असर डाल सकता है।
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