
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है। वहीं, ईरान ने भी कई महीनों की बातचीत के बाद समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि की है।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने का दावा
ट्रम्प ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दे दी गई है। अपने संदेश में ट्रम्प ने लिखा, "दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।" अब सभी की नजर इस समझौते के अगले चरण पर है।
19 जून को जेनेवा में हो सकते हैं हस्ताक्षर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हस्ताक्षर हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह 47 वर्षों में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच पहली हाई लेवल बैठक मानी जाएगी।
MoU में किन मुद्दों पर बनी सहमति
हालांकि समझौते का पूरा दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार MoU में युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, ईरान के कुछ फ्रीज्ड फंड जारी करने और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों पर अगले 60 दिनों की बातचीत का ढांचा तय करने जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं।
ईरान ने रखीं 3 स्पष्ट शर्तें
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के अनुसार MoU पर हस्ताक्षर के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका पहले अपने वादों को पूरा करता है या नहीं। उन्होंने तीन प्रमुख शर्तें गिनाईं—
- नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह समाप्त करना
- युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना
- ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना
ईरान का कहना है कि इन कदमों के बाद ही आगे की वार्ता और समझौते की प्रक्रिया प्रभावी रूप से आगे बढ़ सकेगी।
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