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ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले बढ़ा तनाव: होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी, दुनिया की तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा

18 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले बढ़ा तनाव: होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी, दुनिया की तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता से पहले माहौल अचानक गरमा गया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर आई नई चेतावनी ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है।


इस्लामाबाद में होने वाली अहम बैठक

ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर सोमवार को इस्लामाबाद में प्रस्तावित है। दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने और स्थायी समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस बैठक को मध्य पूर्व की स्थिति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है—और इसी वजह से हर बयान पर दुनिया की नजर है।


ट्रंप का दावा—समझौते के करीब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। साथ ही ट्रंप ने लेबनान में 10 दिन का सीजफायर घोषित किया, जिसके बाद हालात थोड़े शांत होते दिखे—लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिकती नजर नहीं आ रही।


ईरान की सख्त चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिकी प्रतिबंध नहीं हटाए गए, तो होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का नियंत्रण रहेगा—जिससे तनाव और बढ़ गया है।


होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 30% हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अगर यह मार्ग बंद होता है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर पड़ेगा।


खुला तो राहत, बंद हुआ तो संकट

हाल ही में ईरान ने इस जलमार्ग को कमर्शियल जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया था, जिससे वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिली। लेकिन अब आई नई चेतावनी ने फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी है। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो तेल और गैस की कीमतों में उछाल तय माना जा रहा है—और इसका असर हर देश की अर्थव्यवस्था पर दिख सकता है।


अब दुनिया की नजर इस बैठक पर

इस्लामाबाद में होने वाली बैठक अब सिर्फ दो देशों की बातचीत नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता से जुड़ी घटना बन गई है। क्या समझौता होगा या तनाव और बढ़ेगा—यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता और होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी हुई है।

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