मंगलवार, 26 मई 2026
Logo
International

ईरान का बड़ा दावा: अमेरिकी ड्रोन मार गिराया, F-35 पर भी की कार्रवाई

26 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ईरान का बड़ा दावा: अमेरिकी ड्रोन मार गिराया, F-35 पर भी की कार्रवाई
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी MQ-9B ड्रोन को मार गिराया और अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की। इस दावे के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने कहा कि उसकी सेना ने एक RQ-4 ड्रोन और कथित तौर पर घुसपैठ करने वाले F-35 फाइटर जेट के खिलाफ कार्रवाई की। अब सवाल यह है कि क्या यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है?


IRGC की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

IRGC ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका किसी भी तरह से युद्धविराम का उल्लंघन करता है, तो ईरान जवाब देने का अधिकार रखता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि अमेरिका को सीधा रणनीतिक संदेश भी है। यही वजह है कि दुनिया की नजर अब पश्चिम एशिया पर टिक गई है।


खामेनेई का बड़ा बयान

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की ताकतें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए “ढाल” नहीं बनेंगी। खामेनेई ने दावा किया कि अब इस क्षेत्र में अमेरिका के लिए कोई भी ठिकाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इस बयान ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


अमेरिका ने भी किए थे हमले

इस पूरे घटनाक्रम से पहले अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कई ठिकानों पर रातभर कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उन नौकाओं को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके अलावा अमेरिका ने मिसाइल लॉन्च साइट्स पर भी हमला करने की बात कही। माना जा रहा है कि इन्हीं हमलों के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।


क्या बढ़ सकता है बड़ा सैन्य टकराव?

मध्य पूर्व पहले से ही संघर्ष और अस्थिरता का केंद्र बना हुआ है। अब ड्रोन गिराने और लड़ाकू विमान पर कार्रवाई के दावों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अगर दोनों देशों के बीच सैन्य प्रतिक्रिया जारी रहती है, तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। दुनिया अब अगली चाल पर नजर बनाए हुए है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें