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ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला, 1500 जहाज फंसे

08 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला, 1500 जहाज फंसे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकर पर कथित अमेरिकी हमले के बाद तेहरान ने खुली चेतावनी दी है कि जवाब देने में कोई हिचक नहीं होगी। इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की नजरें फिर से होर्मुज स्ट्रेट पर टिका दी हैं। स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में संघर्षविराम जैसी स्थिति की चर्चा चल रही थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या मध्य पूर्व फिर बड़े टकराव की तरफ बढ़ रहा है।


अमेरिकी कार्रवाई पर ईरान का बड़ा आरोप

ईरानी सरकारी मीडिया Press TV की रिपोर्ट के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया। बताया गया कि यह जहाज ईरानी समुद्री क्षेत्र से होकर होर्मुज स्ट्रेट की तरफ बढ़ रहा था। ईरान ने इस कार्रवाई को “उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई” बताया है। तेहरान का कहना है कि अगर हमले जारी रहे तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका गहरा गई है।


ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान को सख्त संदेश दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने ईरानी छोटी नौकाओं को “तबाह” कर दिया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में भी बेचैनी बढ़ गई है।


होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 1500 जहाज

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने कहा कि होर्मुज संकट का असर अब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर साफ दिख रहा है। उनके मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर मौजूद लगभग 20 हजार नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है, इसलिए यहां पैदा हुआ तनाव सीधे वैश्विक तेल सप्लाई को प्रभावित कर सकता है।


दुनिया की नजर अब अगले कदम पर

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। तेल कीमतों से लेकर वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा तक, पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में वॉशिंगटन और तेहरान अगला कदम क्या उठाते हैं।

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