
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने बड़े नुकसान या किसी सैनिक के हताहत होने से इनकार किया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ईरान का दावा, अमेरिका ने नुकसान से किया इनकार
ईरान की ओर से कहा गया कि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं। कुवैत ने भी कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी, जबकि बहरीन ने एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है।
पड़ोसी देशों से ईरान की अपील
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्षेत्रीय देशों से अपील की कि उनकी जमीन, हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों की जिम्मेदारी है कि वे शांति और सुरक्षा बनाए रखें तथा किसी भी पक्ष को अपनी भूमि से सैन्य कार्रवाई की अनुमति न दें।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी चिंता
खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। इसी वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी और तेल बाजार में तेजी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 72.57 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
- ब्रेंट क्रूड: 58 सेंट (0.8%) की बढ़त
- WTI क्रूड: 88 सेंट (1.3%) की तेजी के साथ 70.11 डॉलर प्रति बैरल
बातचीत जारी रखने के संकेत
तनाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को और आगे बढ़ने से रोकने तथा होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर बातचीत जारी रहने के संकेत भी सामने आए हैं।
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