
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को झटका दिया है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर बढ़े खतरे के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दिया। तेल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ा, जबकि तेल उत्पादन और बिक्री से जुड़ी बड़ी कंपनियों ने इसी अवधि में कई वर्षों का सबसे अधिक मुनाफा दर्ज किया।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से बढ़ी महंगाई
होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री परिवहन पर जोखिम बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा हो गया। इसका असर कई देशों में दिखाई दिया। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं, माल ढुलाई महंगी हुई और रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं के दाम भी ऊपर चले गए।
छह बड़ी तेल कंपनियों को हुआ रिकॉर्ड फायदा
जहां महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं तेल क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के लिए यह समय कमाई का साबित हुआ। दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों में 6 बड़ी तेल कंपनियों ने पिछले कई वर्षों का सबसे अधिक मुनाफा दर्ज किया।
विशेषज्ञों ने बताई कीमत बढ़ने की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी किसी युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनती है, तब बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में तेल निकालने और बेचने वाली कंपनियों को ऊंची कीमतों का सीधा लाभ मिलता है और इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली।
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जानिए छह बड़ी तेल कंपनियों ने कितना मुनाफा कमाया
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