
इजराइल-लेबनान सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सीजफायर पर सहमति बनने के अगले ही दिन दक्षिणी लेबनान में इजराइल की ओर से नए हवाई हमले किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है।
सीजफायर के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हमला
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह इजराइली लड़ाकू विमान और ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान के नबातिएह क्षेत्र में कई ठिकानों को निशाना बनाया। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक हमलों में रिहायशी इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ इलाकों में तोपों से भी गोलाबारी की गई। इससे क्षेत्र में एक बार फिर डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
अमेरिका-ईरान वार्ता की तैयारी तेज
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत की प्रक्रिया भी तेज होती दिख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शनिवार को स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर, खबर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच सकते हैं। माना जा रहा है कि यह बातचीत क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
हिजबुल्लाह ने सीजफायर पर उठाए सवाल
हिजबुल्लाह के वरिष्ठ सांसद अली फय्याद ने कहा है कि जब तक इजराइली सेना लेबनान की जमीन पर मौजूद रहेगी, तब तक किसी भी सीजफायर का कोई वास्तविक मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि हमले और टारगेटिंग जारी रहती है तो आत्मरक्षा का अधिकार पूरी तरह जायज है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
ईरान के समर्थन का भी किया जिक्र
अली फय्याद ने दावा किया कि लेबनान को ईरान से मिल रहा सैन्य और कूटनीतिक सहयोग आगे भी जारी रहेगा। उनके अनुसार, इसी दबाव के चलते भविष्य में इजराइल को लेबनान से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

