
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अरब सागर में मौजूद दुश्मन ताकतों को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना अब इस क्षेत्र से भी दुश्मन की मौजूदगी खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
खामेनेई ने हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में तैनात ईरानी जवानों की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि दुश्मन को पहले भी कई बार जवाब दिया गया है। उनके मुताबिक, आगे बढ़ने की हर कोशिश का नुकसान विरोधी पक्ष को ही उठाना पड़ा है।
हॉर्मुज से अरब सागर तक बढ़ा फोकस
मोजतबा खामेनेई के मुताबिक, दुश्मन दक्षिणी ईरान के समुद्री इलाकों से आगे बढ़कर अरब सागर तक पहुंच चुका है। अब ईरान का लक्ष्य इस क्षेत्र में भी उसकी मौजूदगी को समाप्त करना है।
उन्होंने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट की निगरानी करने वाले ईरानी लड़ाकों ने कई मौकों पर विरोधी ताकतों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया है।
ईरानी जवानों की बहादुरी का किया जिक्र
अपने संदेश में खामेनेई ने ईरानी सेना और हॉर्मुज की सुरक्षा में लगे लड़ाकों की तारीफ की। उनका कहना था कि इन जवानों ने हर बार दुश्मन की कोशिशों का सामना किया और उसे जवाब दिया।
खामेनेई ने यह भी चेतावनी दी कि ईरानी समुद्री क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हसन नासरुल्लाह की बरसी पर आया बयान
मोजतबा खामेनेई का यह संदेश ईरान-इराक युद्ध की याद और हिजबुल्लाह नेता हसन नासरुल्लाह की मौत की दूसरी बरसी के मौके से जुड़ा बताया गया है। हसन नासरुल्लाह की 2024 में इजराइली हमले में मौत हुई थी। इस अवसर पर खामेनेई ने ईरानी जवानों के साहस और उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
क्यों अहम है अरब सागर और हॉर्मुज स्ट्रेट?
अरब सागर और हॉर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। खासतौर पर हॉर्मुज के रास्ते बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है।
यही वजह है कि इस इलाके में सैन्य गतिविधियों या समुद्री रास्तों को लेकर ईरान की ओर से आने वाला कोई भी कड़ा संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचता है।
ईरान का समुद्री रुख क्या संकेत देता है?
खामेनेई के बयान से साफ है कि ईरान दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है।
उनके संदेश में अरब सागर को भी ऐसे क्षेत्र के रूप में पेश किया गया है जहां से दुश्मन की मौजूदगी हटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि विरोधी ताकतें जितना आगे बढ़ने का प्रयास करेंगी, उन्हें उतना ही नुकसान उठाना पड़ेगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

