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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर बाढ़ में 178 मौतें, 1500 लापता; भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री

27 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर बाढ़ में 178 मौतें, 1500 लापता; भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में 178 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। नेपाल में 175 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने नेपाल के लिए 47.5 टन राहत सामग्री भेजी है।


टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल में खराब मौसम और कई रास्तों के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह रसुवा जिले के टिमुरे क्षेत्र से 116 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।


बचाए गए लोगों में 95 नेपाली नागरिक और 21 भारतीय शामिल हैं। सेना के अनुसार, इनमें वे 21 भारतीय पर्यटक भी हैं जो बुधवार को टिमुरे इलाके से संपर्क से बाहर हो गए थे।


नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार देश में 826 लोग लापता हैं। इनमें 300 से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं।


तिब्बत में 550 से ज्यादा लोगों का पता नहीं

चीन की सरकारी वेबसाइट CCTV के मुताबिक तिब्बत में 550 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल और तिब्बत में मिलाकर लापता लोगों की संख्या करीब 1,500 बताई गई है।


बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौसम की स्थिति और टूटे हुए रास्ते तलाशी अभियान के लिए चुनौती बने हुए हैं।


ल्हेंदे खोला में पहाड़ गिरने से आया तेज झटका

नेपाल-चीन सीमा के पास बुधवार सुबह 8:37 बजे तेज झटके महसूस किए गए थे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने शुरुआती तौर पर इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।


बाद की जानकारी में सामने आया कि पहाड़ का बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। यह नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी नदी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।


USGS ने बाद में स्पष्ट किया कि महसूस किया गया 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका भूकंप की वजह से नहीं, बल्कि बड़े लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था।


सुरंग में फंसे 7 लोगों को सेना ने बचाया

रसुवा के हाकू क्षेत्र में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की एक सुरंग में फंसे 7 लोगों को नेपाली सेना ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।


सेना के मुताबिक, तीन अन्य सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए अभियान जारी है।


NDRF की टीमें नेपाल भेजने के लिए तैयार

बाढ़ के बाद भारत ने NDRF की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है। NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि अभी भारत से कोई NDRF टीम नेपाल नहीं भेजी गई है।


उनके मुताबिक नेपाल सरकार मदद का अनुरोध करती है और भारत सरकार से इसकी मंजूरी मिलती है, तो NDRF की टीमें तत्काल नेपाल रवाना की जा सकती हैं।


भारत सरकार ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर दो विमान भेजे हैं। इनमें जरूरी दवाइयां और अन्य राहत सामग्री शामिल है।


भारत ने भेजी राहत सामग्री की दूसरी खेप

भारतीय वायुसेना के विमान से नेपाल के लिए राहत सामग्री की दूसरी खेप रवाना की गई। इसमें 37.5 टन राहत सामग्री के साथ जरूरी दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं।


इससे पहले बुधवार रात C-130J विमान से 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाइयों की पहली खेप काठमांडू पहुंचाई गई थी।


दोनों खेपों को मिलाकर भारत अब तक नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संपर्क में है और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने तथा बचाव अभियान में हरसंभव सहायता जारी रखेगा।


नेपाल-तिब्बत बाढ़: प्रमुख आंकड़े

- 178 मौतें — नेपाल में 175, तिब्बत में 3

- करीब 1,500 लोग लापता

- नेपाल में 826 लोग लापता, इनमें 300 से ज्यादा भारतीय

- तिब्बत में 550 से ज्यादा लोग लापता

- टिमुरे से 116 लोगों का रेस्क्यू

- बचाए गए लोगों में 95 नेपाली और 21 भारतीय

- हाकू की सुरंग से 7 लोगों को बचाया गया

- 3 अन्य सुरंगों में रेस्क्यू जारी

- भारत ने कुल 47.5 टन राहत सामग्री भेजी

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