
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है कि वह ट्रम्प के निर्देशों के अनुसार फैसले लेते हैं। यरुशलम में आयोजित एक समिट में नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका में कुछ लोग मानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प वही करते हैं जो वह कहते हैं, जबकि इजराइल में कुछ लोगों की राय है कि वह ट्रम्प की इच्छा के अनुसार काम करते हैं। उनके मुताबिक, दोनों ही धारणाएं सही नहीं हैं।
अमेरिका और इजराइल के हित हर मुद्दे पर समान नहीं
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल और अमेरिका करीबी सहयोगी जरूर हैं, लेकिन दोनों देशों के अपने-अपने राष्ट्रीय हित हैं। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर दोनों देशों की राय एक जैसी नहीं होती।
ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
इजराइली प्रधानमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने तक इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी।
स्विट्जरलैंड में दूसरे दिन भी जारी रही अमेरिका-ईरान वार्ता
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता दूसरे दिन भी जारी रही। पहले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तीखे बयानों के कारण बातचीत का माहौल तनावपूर्ण रहा था।
शहबाज शरीफ बोले- बातचीत सकारात्मक रही
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता सफल रही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमत हुए हैं।
हाई-लेवल कमेटी बनाने पर भी सहमति
शहबाज शरीफ के मुताबिक, दोनों पक्षों ने राजनीतिक स्तर पर निगरानी के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने और तकनीकी स्तर की बातचीत आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति और स्थायी समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
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