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Pakistan Drone Deal: Powerus और पाक आर्मी में MoU, ट्रंप परिवार से जुड़ा निवेश और भारत का Guardian-1 कनेक्शन सामने आया

02 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Pakistan Drone Deal: Powerus और पाक आर्मी में MoU, ट्रंप परिवार से जुड़ा निवेश और भारत का Guardian-1 कनेक्शन सामने आया
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अमेरिकी ड्रोन कंपनी Powerus और पाकिस्तान आर्मी के बीच 16 सितंबर 2026 को हुए समझौते के बाद पाकिस्तान में स्थानीय स्तर पर ड्रोन तकनीक और उत्पादन बढ़ाने की योजना सामने आई है। कंपनी का संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप से जुड़े निवेश से है। 


प्रस्तावित व्यवस्था में पाकिस्तान में तकनीक और उत्पादन क्षमता विकसित करने की बात है। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक Powerus के प्रस्तावित मर्जर के बाद American Ventures की 9.9% बेनिफिशियल हिस्सेदारी होने की उम्मीद है, जबकि ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने उन्हें पैसिव निवेशक बताया है। 


16 सितंबर को हुआ Powerus-पाकिस्तान समझौता

Powerus के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच के मुताबिक पाकिस्तान के साथ समझौते में ड्रोन से जुड़ा शुरुआती ऑर्डर भी शामिल है। इसकी संख्या और वित्तीय कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है। 


पाकिस्तानी सेना के अनुसार Powerus प्रतिनिधिमंडल ने फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। चर्चा में रक्षा खरीद, उत्पादन और भविष्य में क्षमता बढ़ाने जैसे विषय शामिल थे। 


कंपनी ने पाकिस्तान में स्थानीय तकनीक विकसित करने और संयुक्त तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर भी बात की है। हालांकि Powerus ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा MoU अंतिम खरीद समझौता नहीं है और आगे की प्रक्रिया अमेरिकी कानून तथा सरकारी मंजूरियों के अधीन है। 


ट्रंप परिवार से Powerus का कनेक्शन क्या है?

Powerus का प्रस्तावित मर्जर Aureus Greenway Holdings के साथ होना है। अमेरिकी रेगुलेटरी दस्तावेजों में Donald Trump Jr. और Eric Trump की American Ventures के जरिए निवेश संबंधी जानकारी दर्ज है। 


दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तावित मर्जर के बाद American Ventures की हिस्सेदारी 9.9% रहने की उम्मीद है। Trump Jr. के प्रवक्ता का कहना है कि वह केवल पैसिव निवेशक हैं और कंपनी के संचालन या कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फैसलों में उनकी भूमिका नहीं है। 


पाकिस्तान से पहले भारत में Powerus की मौजूदगी

इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू भारत से जुड़ा है। 30 जून 2026 की फाइलिंग के अनुसार Powerus ने भारत में अपने Guardian interceptor products के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए Paras Defence को एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया है। 


इस व्यवस्था के तहत भारत में Guardian-1 Interceptor तकनीक के निर्माण और बिक्री का अधिकार Paras Defence को मिला है। यानी Powerus की तकनीक से भारत में काउंटर-ड्रोन क्षमता विकसित करने का रास्ता भी खुला है। 


भारत के सामने ड्रोन सुरक्षा की चुनौती

पाकिस्तान की ड्रोन क्षमता बढ़ने की संभावना को भारत की मौजूदा काउंटर-ड्रोन व्यवस्था के संदर्भ में देखा जा रहा है। भारत के पास रडार, कंट्रोल सेंटर, एयर डिफेंस गन और जमीन तथा हवा से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणालियों पर आधारित बहुस्तरीय व्यवस्था मौजूद है।


7-8 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से उत्तरी और पश्चिमी भारत में सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। भारत के आधिकारिक बयान के अनुसार इन खतरों को Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence systems ने निष्क्रिय किया था। 


इस नेटवर्क में खतरे का पता लगाने और उसे रोकने के लिए रडार, कंट्रोल सेंटर, एयर डिफेंस गन तथा जमीन और विमान से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणालियां शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश सहित कई एयर डिफेंस प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया था। 


विशेषज्ञ ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

इनपुट में दिए गए रक्षा विशेषज्ञ अविनाश मोहनानी, जो पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में काम कर चुके हैं, ने पाकिस्तान में ड्रोन निर्माण को भारत की सुरक्षा के लिहाज से चुनौती बताया है।


उनके आकलन के मुताबिक सवाल सिर्फ पाकिस्तान की खरीद क्षमता बढ़ने का नहीं है, बल्कि स्थानीय उत्पादन शुरू होने पर उसकी ड्रोन उपलब्धता और इस्तेमाल की क्षमता पर भी ध्यान देना होगा।


पाकिस्तान में ही उत्पादन क्यों?

इनपुट के अनुसार विशेषज्ञ का मानना है कि स्थानीय उत्पादन से पाकिस्तान को अमेरिकी ड्रोन हासिल करने के साथ-साथ दूसरे बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है। उनके मुताबिक ट्रंप परिवार से जुड़े कारोबारी हित भी इस पहल की चर्चा का हिस्सा हैं। यह दावा एक विश्लेषण के रूप में प्रस्तुत किया गया है; Powerus की ओर से पाकिस्तान में तकनीकी सहयोग और संभावित स्थानीय निर्माण की बात जरूर कही गई है। 


भारत के लिए एक अलग पहलू भी सामने आया

Powerus की तकनीक का भारत में इस्तेमाल और पाकिस्तान के साथ उसका प्रस्तावित सहयोग एक ही समय में चर्चा में आया है। भारत में Paras Defence को Guardian interceptor technology के निर्माण और व्यावसायीकरण का एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया गया है। 


पाकिस्तान के मामले में Powerus ने रक्षा खरीद के साथ उत्पादन और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर चर्चा की है। कंपनी के मुताबिक MoU से तत्काल खरीद की बाध्यता नहीं बनती और आगे की प्रक्रिया संबंधित मंजूरियों पर निर्भर करेगी। 

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