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पाकिस्तान को 5 अरब डॉलर की मदद देंगें सऊदी अरब और कतर, लेकिन कर्ज चुकाने का दबाव

13 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
पाकिस्तान को 5 अरब डॉलर की मदद देंगें सऊदी अरब और कतर, लेकिन कर्ज चुकाने का दबाव
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को बड़ी राहत मिलने जा रही है। सऊदी अरब और कतर से 5 अरब डॉलर (₹46,500 करोड़) की मदद का ऐलान हुआ है—लेकिन कर्ज चुकाने का दबाव अब भी बरकरार है।


UAE का कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती

पाकिस्तान को इसी महीने के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात को 3.5 अरब डॉलर (₹29,000 करोड़) लौटाने हैं। तय शेड्यूल के मुताबिक, 23 अप्रैल तक अंतिम किस्त चुकानी है। यानी देश के पास बहुत कम समय बचा है—और यही स्थिति को और गंभीर बना रहा है।


अप्रैल में कुल 4.8 अरब डॉलर का दबाव

सिर्फ UAE ही नहीं, पाकिस्तान को अप्रैल में कुल करीब 4.8 अरब डॉलर का भुगतान करना है। इसमें एक बड़ा इंटरनेशनल बॉन्ड भी शामिल है। ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव बना हुआ है—जो पहले से ही कमजोर स्थिति में है।


सऊदी अरब और कतर की मदद क्यों अहम

सऊदी अरब और कतर से मिलने वाली 5 अरब डॉलर की सहायता इस संकट में लाइफलाइन मानी जा रही है। यह रकम पाकिस्तान को तत्काल भुगतान करने और अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेगी—लेकिन क्या यह लंबे समय तक पर्याप्त होगी, यह बड़ा सवाल है।


IMF की शर्तों ने बढ़ाई सख्ती

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान के लिए 3 साल का 7 अरब डॉलर का प्रोग्राम शुरू किया है। इसके बदले IMF ने शर्त रखी है कि सऊदी अरब, चीन और UAE जैसे कर्जदाता अपना पैसा 3 साल तक वापस नहीं निकालेंगे। यानी पाकिस्तान को राहत तो मिलेगी, लेकिन सख्त नियमों के साथ।


कर्ज रोलओवर नीति में बदलाव से बढ़ा दबाव

UAE ने हाल ही में अपनी कर्ज नीति बदलकर शॉर्ट-टर्म एक्सटेंशन शुरू कर दिया है। इससे पाकिस्तान पर जल्दी भुगतान का दबाव बढ़ गया है। पहले जहां कर्ज को आगे बढ़ाया जाता था, अब समय पर भुगतान अनिवार्य हो गया है—जो आर्थिक संकट को और गहरा कर सकता है।


सऊदी-पाकिस्तान रिश्तों में बढ़ता सहयोग

सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। हाल ही में दोनों देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में निवेश और सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स की तैनाती भी सऊदी अरब में की गई है—जो रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।


IMF मीटिंग में पाकिस्तान की बड़ी कोशिश

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब इन दिनों वॉशिंगटन दौरे पर हैं। वह IMF और वर्ल्ड बैंक की बैठकों में हिस्सा लेकर 50 से ज्यादा मीटिंग्स करेंगे। मकसद साफ है—अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना और आर्थिक हालात को संभालना।

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