
पाकिस्तान में ईंधन संकट अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर असर डाल रहा है। पेट्रोल-डीजल की भारी कमी के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देशभर में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ जैसे प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला, क्यों उठाना पड़ा कदम?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रुकने से तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर पाकिस्तान पर साफ दिख रहा है, जहां पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी लगातार गहराती जा रही है। इसी संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल बैठक में ऊर्जा बचत के लिए सख्त फैसले लिए गए हैं। अब ये फैसले आम लोगों की दिनचर्या बदलने वाले हैं।
रात 8 बजे तक बंद होंगे बाजार, नए नियम लागू
सरकार के नए आदेश के मुताबिक, सिंध को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे। खास बात यह है कि खैबर पख्तूनख्वा के कुछ इलाकों में बाजार 9 बजे तक खुल सकते हैं, जबकि खाने-पीने की दुकानों को 10 बजे तक की छूट दी गई है। यानी अब खरीदारी से लेकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने तक, सब कुछ तय समय में ही करना होगा।
शादी समारोह और पब्लिक इवेंट्स पर भी असर
सरकार ने सिर्फ बाजारों पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यक्रमों पर भी सख्ती दिखाई है। विवाह समारोह के लिए इस्तेमाल होने वाले हॉल और टेंट रात 10 बजे तक ही खुले रहेंगे। इसके बाद निजी घरों में भी शादी समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला सीधे सामाजिक जीवन को प्रभावित करेगा, जिससे लोगों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
किन सेवाओं को मिली छूट?
हालांकि सरकार ने जरूरी सेवाओं को राहत दी है। दवा दुकानों और फार्मेसियों को इन नियमों से पूरी तरह बाहर रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर न पड़े। साथ ही कुछ क्षेत्रों में सरकार ने राहत देने के लिए कदम भी उठाए हैं, जिससे जनता को थोड़ी राहत मिल सके।
मुफ्त ट्रांसपोर्ट और सब्सिडी से राहत की कोशिश
गिलगित और मुजफ्फराबाद में सरकार ने 1 महीने के लिए इंटर-सिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त कर दिया है। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसके अलावा डिजिटल वॉलेट स्कीम के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी जारी रखी गई है, ताकि लोगों पर आर्थिक दबाव कम हो सके। यह राहत कितनी कारगर होगी, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
सिंध में अभी फैसला बाकी, बैठकें जारी
सिंध सरकार ने अभी इन नियमों को पूरी तरह लागू नहीं किया है। मुख्यमंत्री मुराद अली शाह व्यापारिक संगठनों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही सिंध में भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला व्यापारियों की राय के बाद ही होगा। यानी आने वाले दिनों में पूरे पाकिस्तान में एक जैसे नियम लागू होने की तस्वीर साफ हो सकती है।
वैश्विक संकट का सीधा असर
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से हॉर्मुज स्ट्रेट में बाधा आने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में देखने को मिल रहा है। अब सवाल यह है कि यह संकट कितने समय तक जारी रहेगा और आम लोगों को इससे कब तक राहत मिलेगी।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

