
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रणनीतिक साझेदारी को नई गति देते हुए यूरेनियम निर्यात, रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और उन्नत तकनीक से जुड़े कई अहम फैसलों पर सहमति बनाई। मेलबर्न में हुई बैठक के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन समझौतों की जानकारी दी।
अपने दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में करीब 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यूरेनियम समझौते पर लगी मुहर
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2015 के परमाणु सहयोग समझौते के तहत भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती देगा। साथ ही दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में भी मिलकर काम करेंगे।
गगनयान और स्पेस सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में यह भी तय हुआ कि कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा। इससे भारत के गगनयान मिशन को तकनीकी सहायता मिलेगी।
AI, क्वांटम और सेमीकंडक्टर पर साझा रिसर्च
दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन (PACTS) पार्टनरशिप शुरू करने पर सहमति जताई।
इसके तहत संयुक्त रूप से इन क्षेत्रों में काम होगा—
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
क्वांटम कंप्यूटिंग
सेमीकंडक्टर
साइबर सिक्योरिटी
डिजिटल रेजिलिएंस
क्रिकेट से समझाया दोनों देशों का रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की तुलना क्रिकेट से करते हुए कहा कि दोनों देशों की मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। उनके अनुसार एजेंडा वनडे जैसा केंद्रित रहता है, निर्णय टी-20 की गति से लिए जाते हैं और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह दीर्घकालिक एवं मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है और इस मोर्चे पर दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने क्या कहा
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि अब तक दोनों देशों की सप्लाई चेन तो जुड़ी हुई थी, लेकिन नीतियों में अंतर था। नए समझौते उस दूरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए दोनों सरकारें लगातार काम करती रहेंगी।
भारत की उपलब्धियों का किया उल्लेख
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि—
भारत में 2 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं।
रक्षा और स्पेस क्षेत्र में भी सैकड़ों स्टार्टअप काम कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में हजारों भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई संस्थान भारत में भी अपने संस्थान स्थापित कर रहे हैं।
डिजिटल इंडिया पर साझा किए आंकड़े
प्रधानमंत्री ने कहा—
डिजीलॉकर के 70 करोड़ से अधिक यूजर हैं।
इसमें 850 करोड़ से ज्यादा दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं।
करोड़ों लोगों को डिजिटल हेल्थ लॉकर की सुविधा मिल रही है।
पासपोर्ट जारी होने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हुई है।
वैश्विक राहत अभियानों का किया जिक्र
मोदी ने कहा कि पिछले महीने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने विशेषज्ञ मेडिकल टीम भेजी। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों तक वैक्सीन पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित वापस लाने और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से विभिन्न देशों के नागरिकों की निकासी में भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सहायता करते समय किसी के पासपोर्ट का रंग नहीं देखता।
खेल और ओलंपिक पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया एक वैश्विक पहचान रखता है, जबकि भारत का खेल इकोसिस्टम भी तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी का दावेदार है और खेलों में दोनों देशों का सहयोग आगे बढ़ेगा।
ऑपरेशन सिंदूर का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भारत के फार्मा और डिफेंस सेक्टर की विश्वसनीयता देख रही है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादी ठिकानों पर हुई कार्रवाई की गूंज दुनिया भर में सुनाई दी और इससे देशवासियों को गर्व महसूस हुआ।
5G से 6G तक भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 में शुरू हुई 5G सेवा आज देश के 99 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच चुकी है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। उन्होंने कहा कि अब भारत मेड इन इंडिया 6G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि, पिछले 12 वर्षों में दो दर्जन से अधिक शहरों तक मेट्रो नेटवर्क पहुंच चुका है। प्रतिदिन सवा करोड़ से ज्यादा लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। भारत में बने मोबाइल फोन और गैजेट्स वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
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