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वैज्ञानिकों ने बनाया सिंथेटिक भ्रूण, क्या भविष्य में अब बच्चे ऐसे ही पैदा होंगे?

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वैज्ञानिकों ने बनाया सिंथेटिक भ्रूण, क्या भविष्य में अब बच्चे ऐसे ही पैदा होंगे?

वैज्ञानिकों ने बनाया सिंथेटिक भ्रूण, क्या भविष्य में अब बच्चे ऐसे ही पैदा होंगे?

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डेस्क रिपोर्टर

तेल अवीव, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। अगस्त महीने की शुरुआत में कुछ वैज्ञानिकों ने दावा किया कि उन्होंने चूहे का सिंथेटिक भ्रूण बना लिया है। अब ना नर के स्पर्म की जरूरत होगी ना, मादा के अंडों की और ना ही किसी गर्भ की। अब यही बात हैरान करती है कि क्या भविष्य में बच्चे ऐसे ही पैदा होंगे? 


बायोटेक कंपनी रिनुअल बायो के संस्थापक जैकब हना ने बताया कि हम सिंथेटिक भ्रूण सिर्फ इंसानी कोशिकाओं को विकसित करने के लिए कर रहे हैं। इससे अंगों की कमी पूरी होगी। वैज्ञानिक इन सिंथेटिक भ्रूण को विकसित करके बेहद खुश हैं, क्योंकि वह मेडिकल साइंस की दुनिया में बड़ा चमत्कार करना चाहते हैं। अगर यह सिंथेटिक भ्रूण की खेती होने लगी तो भविष्य में लोगों को कई तरह की बीमारियों और दिक्कतों से फुर्सत मिल जाएगी, क्योंकि इनकी खेती से एक बात तो तय है है कि भ्रूण के अंदर शरीर के अलग-अलग हिस्सों की कोशिकाओं को विकसित करके अंग विकसित किए जा सकते हैं। इन अंगों का उपयोग उन लोगों के लिए हो सकता है जिन्हें जरूरत है, जैसे किसी को किडनी, लीवर, दिल या आंतों की जरूरत होती है।


यह है मकसद

असल में चूहे के सिंथेटिक भ्रूण विकसित करने के पीछे जो मकसद है वह है अंगों की कमी का पूरा करना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि वह सिंथेटिक ढूंढ से बच्चे नहीं पैदा करेंगे ना ही उन्हें विकसित किया जाएगा, वो सिर्फ भ्रूण से खास तरह की कोशिकाओं को निकालकर जरूरत के मुताबिक अंगों को विकसित करेंगे। दुनिया भर में चल रहे अंगों की कमी को पूरा करेंगे, क्योंकि इससे अंग प्रत्यारोपण के लिए आर्गन की कमी पूरी होगी।


अमेरिका में 1.06 लाख लोगों को है अंगों की जरूरत

जैकब ने बताया कि हमें भी उतना ही समय लगेगा भ्रूण को विकसित करने के लिए जितना इंसान के शरीर में होता है। करीब 40 से 50 दिन में यह सिंथेटिक भ्रूण बन जाएगा जिसके अंदर शरीर के छोटे-छोटे अंग विकसित किए जाएंगे। हेल्थ रिसोर्सेज एंड सर्विसेस एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक अमेरिका में इस समय करीब एक लाख 6 हजार लोगों को अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग की जरूरत है। हर दिन अंगों के इंतजार में अमेरिका में 17 लोगों की मौत हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारा मकसद भगवान बनना नहीं है। हम सिर्फ उन इंसानों की मदद करना चाहते हैं, जिन्हें अंगों की जरूरत है। हालांकि अभी तक रिन्यूअल बायो ने यह नहीं बताया कि उनका सिंथेटिक भ्रूण कितना विकसित होगा।

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