
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने नई परमाणु डील को मंजूरी दे दी है। उनके अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार विकसित या रखने से इनकार करने पर सहमति जताई है और समझौता होते ही होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
ईरान ने कहा- अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने समझौते पर सहमति की खबरों को खारिज किया है। उनका कहना है कि फिलहाल यह केवल अटकलें हैं और किसी भी समझौते पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे दोनों देशों के दावों में साफ विरोधाभास सामने आया है।
पहले दी थी हमले की धमकी, फिर बदला फैसला
इस घटनाक्रम से पहले ट्रम्प ने ईरान पर बड़े हवाई हमले और उसके प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बाद में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हमले फिलहाल रद्द कर दिए गए हैं क्योंकि बातचीत महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के औपचारिक रूप से लागू होने तक होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है अहम?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इसके खुलने या बंद रहने का असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
लेबनान में UN शांति सैनिकों पर हमला
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में UNIFIL के एक लॉजिस्टिक काफिले पर हुए हमले में मलेशिया के दो शांति सैनिक घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि दोनों सैनिकों की हालत स्थिर है और घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बिंत जुबैल के पास एक संयुक्त राष्ट्र काफिले के निकट इजराइली टैंक से फायरिंग हुई, जिसके बाद काफिले को सुरक्षित मार्ग से आगे बढ़ाया गया। फिलहाल हमले के लिए किसी पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

