
अमेरिका में नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रम्प की अपनी पार्टी के भीतर राजनीतिक चुनौती के संकेत उभर रहे हैं। कई रिपब्लिकन उम्मीदवार अब ट्रम्प की छवि से दूरी बनाकर चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पार्टी की चिंता सिर्फ उम्मीदवारों के बयानों तक सीमित नहीं है। सर्वे में अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर ट्रम्प की कमजोर रेटिंग तथा कांग्रेस के चुनावी आंकड़ों में डेमोक्रेट्स की बढ़त ने रिपब्लिकन खेमे की मुश्किल बढ़ा दी है।
ट्रम्प की लोकप्रियता में गिरावट का असर
AP-NORC सर्वे के अनुसार केवल 30% अमेरिकी ट्रम्प के राष्ट्रपति के तौर पर कामकाज से संतुष्ट हैं। आर्थिक मोर्चे पर स्थिति और कमजोर दिखती है। अर्थव्यवस्था को लेकर उनकी अप्रूवल रेटिंग 26%, जबकि महंगाई से निपटने के तरीके पर यह सिर्फ 17% रही।
महंगाई और टैरिफ बने रिपब्लिकन के लिए चुनौती
24 से 28 सितंबर के AP-NORC सर्वे में सिर्फ 17% लोगों ने कहा कि ट्रम्प जीवनयापन की बढ़ती लागत को संभालने के तरीके से संतुष्ट हैं। सर्वे में 65% से ज्यादा अमेरिकियों ने लगातार बढ़ती कीमतों के लिए ट्रम्प की नीतियों को जिम्मेदार माना। वहीं 64% लोगों का मानना है कि टैरिफ के मामले में राष्ट्रपति जरूरत से ज्यादा आगे चले गए।
रिपब्लिकन उम्मीदवारों के सामने समस्या यह है कि वे महंगाई को चुनावी मुद्दा बनाना चाहते हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी की सरकार की आर्थिक नीतियों से पूरी तरह अलग होना उनके लिए आसान नहीं है।
ईरान युद्ध से इमिग्रेशन तक उठे सवाल
पार्टी के भीतर विदेश नीति और इमिग्रेशन को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। आयोवा की सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन और मिशिगन के सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स ने ईरान युद्ध को जल्द समाप्त करने की मांग की। दोनों पहले ट्रम्प की सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर चुके हैं।
आयोवा के जैक नन और मैरियानेट मिलर-मीक्स ने ट्रम्प की युद्ध शक्तियों को सीमित करने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ वोट किया। फ्लोरिडा की सांसद मारिया ने उनकी सख्त इमिग्रेशन नीति पर सवाल उठाए।
वेबसाइट से हटाया ‘अमेरिका फर्स्ट’, मंच साझा करने से भी परहेज
नवंबर के चुनाव से पहले कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने अपनी चुनावी वेबसाइटों से ट्रम्प और उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का जिक्र हटा दिया है। कुछ नेता ट्रम्प के साथ चुनावी मंच साझा करने से भी बच रहे हैं। कई उम्मीदवारों ने साफ कहा है कि वे अपने प्रचार अभियान में ट्रम्प की मदद नहीं चाहते।
लंबे समय के समर्थक भी बना रहे दूरी
ट्रम्प से दूरी बनाने वाले नेताओं में गवर्नर पद के उम्मीदवारों से लेकर सांसदों तक के नाम सामने आए हैं।
दूरी बनाने वाले प्रमुख नाम:
विस्कॉन्सिन के टॉम टिफनी
एरिजोना के एली क्रेन
जॉर्जिया के रिक जैक्सन
जॉर्जिया की मार्जरी टेलर
केंटकी के जेम्स कोमर
ओहायो के जिम जॉर्डन
साउथ कैरोलिना की नैन्सी मेस
इनमें कई नेता लंबे समय तक ट्रम्प के समर्थक रहे हैं।
ट्रम्प के मजबूत राज्य ओहायो में रामास्वामी पिछड़े
ओहायो के गवर्नर चुनाव में भारतवंशी रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी भी दबाव में हैं। 24 से 27 सितंबर के मैरिस्ट सर्वे में डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन 50% समर्थन के साथ रामास्वामी के 44% से आगे रहीं। ओहायो को ट्रम्प के मजबूत राज्यों में माना जाता है। 2024 में उन्होंने यह राज्य 11 पॉइंट के अंतर से जीता था। सर्वे में ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग 42% रही। 41% वोटर्स ने कहा कि चुनाव में उनका वोट मुख्य रूप से ट्रम्प के खिलाफ जाएगा।
कांग्रेस के चुनावी आंकड़े भी दे रहे चेतावनी
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के जेनेरिक बैलट में डेमोक्रेट्स की स्थिति सितंबर से मजबूत हुई है। नेट सिल्वर के औसत के अनुसार उनकी बढ़त सितंबर की शुरुआत में 6.7 अंक थी, जो अब 9 अंक हो गई है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए यह अंतर रिपब्लिकन पार्टी के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। सीनेट में रिपब्लिकन अभी 53-47 से आगे हैं, लेकिन कुछ ऐसी सीटें भी मुकाबले में आ गई हैं जिन्हें पहले सुरक्षित माना जा रहा था।
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